सिलोड़ी अम्हेटा मार्ग बदहाल,23 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल,पंचायत और अधिकारियों की अनदेखी पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
समाचार ने बार-बार दिखाया दर्द,फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार,खस्ताहाल सड़क पर हादसों का सिलसिला जारी,विधायक व जिला पंचायत सदस्य से तत्काल मरम्मत की मांग।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले की ग्राम पंचायत सिलोड़ी के अंतर्गत आने वाला सिलोड़ी–अम्हेटा मार्ग पिछले कई वर्षों से बदहाली का शिकार है। सड़क टूटी उभर आए गहरे गड्ढे, जगह-जगह फैले बड़े-बड़े पत्थर और किनारों पर लगी झाड़ियाँ इस मार्ग को ग्रामीणों के लिए रोजाना का खतरा बना चुकी हैं। स्थानीय समाचार माध्यम लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं, परंतु न पंचायत जागी और न ही संबंधित विभागों के अधिकारी। इस लापरवाही का खामियाज़ा बुधवार 26 नवंबर 2025 को एक बार फिर एक मासूम युवक को भुगतना पड़ा, जब यह टूटी सड़क दुर्घटना का कारण बनी।
जानकारी के अनुसार, लादवार से सिलोड़ी बाजार की ओर बाइक से आ रहे शिवराज बैगा पिता भगतलाल बैगा, उम्र 23 वर्ष, जैसे ही इस खस्ताहाल मार्ग से गुजरे, उनकी बाइक सड़क की उबड़-खाबड़ सतह पर अनियंत्रित हो गई। अचानक आए तेज झटके में बाइक सीधे सड़क किनारे लगे कटीले तारों से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शिवराज के चेहरे, होंठ, दाढ़ी और सिर पर गहरी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने इसे पंचायत व प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया।
घायल युवक को मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलोड़ी पहुँचाया, जहां चिकित्सकों ने उसके घावों का उपचार किया। घटना के बाद ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि यह मार्ग उनकी मजबूरी बन चुका है। रोजाना सैकड़ों लोग इसी सड़क से होकर बाजार, स्कूल, अस्पताल और काम पर जाते हैं, लेकिन दिनों-दिन खराब होती सड़क पर यात्रा करना जोखिम भरा होता जा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी खतरे से कम नहीं है, वहीं ट्रैक्टर, ऑटो और अन्य भारी वाहन चालक भी अकसर पलटने, फिसलने और टकराने जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की उदासीनता ने सड़क की समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। ग्राम पंचायत सिलोड़ी में जन शिक्षक सरपंच पति संतोष बर्मन की सक्रियता पर भी ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वे अपनी मूल शिक्षक जिम्मेदारियों को दरकिनार कर पंचायत के निर्माण कार्यों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं, परंतु सड़कों की मरम्मत जैसे असली और जरूरी कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरपंच और अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय मीडिया जैसे समाचार नेशन और अन्य न्यूज़ पोर्टल कई महीनों से सड़क की इस बदहाली को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित करते आ रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद आज तक ग्राम पंचायत और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह और जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अब भी निर्माण और मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का दुःख यह है कि यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि उनका दैनिक जीवन, आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। हर दिन इस रास्ते से गुजरते समय लोगों के मन में यह डर रहता है कि कहीं अगले मोड़ पर दुर्घटना उनका इंतजार न कर रही हो। सड़क पर बने गड्ढों में भरा कीचड़, बारिश के मौसम में बहता पानी और टूटे हुए हिस्सों पर खड़े पत्थर हर पल खतरे की आशंका बढ़ाते हैं। इसके बावजूद अब तक कोई निरीक्षण, निर्देश या मरम्मत कार्य शुरू न होना प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है।
अभी तक आए हादसों को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ध्यान दे देता, तो कई लोग घायल होने से बच सकते थे। शिवराज बैगा की घटना के बाद अब ग्रामीणों की सहनशीलता समाप्त हो चुकी है और वे निर्णयात्मक कदम उठाने की तैयारी में हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यह समस्या सिर्फ सड़क की नहीं, बल्कि जनहित और जनसुरक्षा की है, इसलिए इसमें देरी अब किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है।
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