थाना उमरियापान पुलिस की बड़ी सफलता,तीन माह से लापता बालिका सूरत से सकुशल दस्तयाब।
तकनीकी और मानवीय प्रयासों से मामला सुलझा,परिजनों में खुशी की लहर।
उमरियापान,ग्रामीण खबर mp:
थाना उमरियापान पुलिस ने एक बेहद सराहनीय कार्य करते हुए लगभग तीन माह से लापता अपहृत नाबालिग बालिका को गुजरात राज्य के सूरत शहर से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ बालिका के परिवार को राहत दी, बल्कि पुलिस की कार्यकुशलता, सक्रियता और संवेदनशीलता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। बालिका की वापसी से परिवार में अपार खुशी का माहौल है तथा पूरे क्षेत्र में उमरियापान पुलिस की सराहना की जा रही है।
यह संपूर्ण अभियान पुलिस अधीक्षक कटनी के स्पष्ट निर्देशों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस स्लीमनाबाद के कुशल नेतृत्व में संचालित किया गया। अपराध क्रमांक 156/25 धारा 363 भादवि के तहत दर्ज प्रकरण में थाना उमरियापान पुलिस द्वारा लगातार सतत प्रयास किए जा रहे थे। बालिका की दस्तयाबी हेतु संभावित सभी स्थानों पर व्यापक खोजबीन, पूछताछ एवं तकनीकी विश्लेषण किया गया।
पुलिस टीम ने परिजनों से प्राप्त सूचनाओं के अलावा मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया एक्टिविटी एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सुराग जुटाए। इसी क्रम में सूरत, गुजरात में बालिका की उपस्थिति के संकेत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उमरियापान पुलिस टीम ने निर्धारित प्रक्रिया अनुसार बालिका को सूरत से दस्तयाब किया और सुरक्षित रूप से थाने लाकर उसके परिजनों को सौंप दिया।
बालिका की सकुशल वापसी पर माता-पिता एवं परिजनों की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार यह आंसू दुख के नहीं बल्कि राहत और खुशी के थे। उन्होंने पुलिस विभाग एवं विशेष रूप से उमरियापान थाने की टीम के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश तिवारी का नेतृत्व निर्णायक रहा, जिन्होंने टीम को हर स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही सहायक उप निरीक्षक कोदू लाल दहिया, प्रधान आरक्षक क्रमांक 503 अजय सिंह ठाकुर, आरक्षक क्रमांक 757 आशीष मेहरा एवं थाना स्टाफ की सतर्कता और मेहनत ने इस जटिल कार्य को संभव बनाया।
यह मामला पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो वे गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं को खोजने के लिए निरंतर दिखाते हैं। जिले में चल रहे गुमशुदा दस्तयाबी अभियान के अंतर्गत यह सफलता एक मिसाल के रूप में सामने आई है, जिससे आम जनता में भी विश्वास बढ़ा है कि पुलिस प्रशासन संवेदनशील मामलों में पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ कार्य करता है।
संपूर्ण घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि यदि पुलिस बल को सही नेतृत्व, संसाधन और स्वतंत्रता मिले, तो वह समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित कर सकता है। बालिका की सकुशल वापसी ने यह सिद्ध कर दिया कि तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलित उपयोग आज के समय में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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