भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा डेयरी एवं केंचुआ खाद निर्माण प्रशिक्षण की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न।

 भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा डेयरी एवं केंचुआ खाद निर्माण प्रशिक्षण की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न।

पाली विकासखंड की सुंदरदादर पंचायत में 35 महिलाओं को 30 दिवसीय प्रशिक्षण उपरांत आयोजित परीक्षा में 31 प्रतिभागी सफल।

उमरिया,ग्रामीण खबर mp:

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) उमरिया द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत डेयरी एवं केंचुआ खाद निर्माण का 30 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न कराया गया, जिसकी परीक्षा हाल ही में सम्पन्न हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन की ग्रामीण आजीविका मिशन योजना एवं प्रोजेक्ट उन्नति के तहत आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण विकासखंड पाली के ग्राम पंचायत सुंदरदादर के पंचायत भवन में संचालित किया गया, जिसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली तथा मनरेगा में 100 दिवस का कार्य पूर्ण कर चुकी महिलाओं एवं स्व सहायता समूह की कुल 35 महिलाओं ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाते हुए उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने हेतु तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।

संस्थान के प्रबंधक तरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संचालित किया गया, जिसमें डेयरी फार्मिंग और वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) निर्माण से जुड़े अनेक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत परीक्षाएं ओम प्रकाश चतुर्वेदी, परीक्षा नियंत्रक एवं प्रमाणीकरण रूडसेटी, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार (ब्रांच भोपाल) के निर्देशन में आयोजित की गईं।

परीक्षा में लिखित, मौखिक एवं प्रायोगिक तीनों चरणों में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया, जिसे रामसुख दुबे (परीक्षा परीक्षक, कटनी) और बैंक प्रतिनिधि सत्यम सिंह (अनूपपुर) ने संपन्न कराया।

डेयरी प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को गाय एवं भैंस की प्रमुख नस्लों की जानकारी, कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया, संतुलित पशु आहार, अलग-अलग चारे की विशेषताएं, डेयरी शेड निर्माण की तकनीक, स्वच्छ दूध उत्पादन की विधियां, पशु रोगों की पहचान, उनका नियंत्रण, उपचार और टीकाकरण के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

इसी प्रकार, केंचुआ खाद निर्माण में वर्मीपिट की संरचना, केंचुओं का चयन, खाद निर्माण की विधि, उसमें लगने वाले जैविक अवशेष, खाद की परिपक्वता पहचान, उसकी पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रिया, जैविक कीटनाशक बनाने के पारंपरिक एवं वैज्ञानिक तरीके, तथा इन जैव उत्पादों के फसलों में उपयोग की तकनीकी जानकारी दी गई।

साथ ही प्रशिक्षण में महिलाओं को बैंकिंग और उद्यमिता से संबंधित विषयों पर भी प्रशिक्षित किया गया, जिनमें विभिन्न प्रकार के बैंक खाते खोलना, बीमा योजनाएं, ऋण प्रक्रिया, समय प्रबंधन, लाभ-हानि का विश्लेषण, व्यावसायिक आचरण, ग्राहकों से व्यवहार, वित्तीय साक्षरता, बाजार से जुड़ाव, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की रणनीति जैसी व्यावहारिक बातों पर विशेष बल दिया गया।

परीक्षा परिणाम के अनुसार कुल 35 में से 3 महिलाएं अनुपस्थित रहीं, 1 महिला अनुत्तीर्ण रही, जबकि 31 महिलाएं परीक्षा में सफल घोषित की गईं। इस परीक्षा के सफल संचालन में संस्थान के कर्मचारियों – तरुण कुमार सिंह, आरबी जयसवाल, आशीष सोम, कुमार कपिल और जगत राठौर का सराहनीय योगदान रहा।

इस सफल आयोजन से यह स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के व्यावसायिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त रूप से प्रेरित कर रहे हैं। यह प्रयास न केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण की नींव रखता है, बल्कि समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को भी बल देता है।


प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर mp
संपर्क सूत्र:9977110734

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