भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव में नाचे भक्त,सिलौंडी के कछार गांव बड़ा में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन।
सिलौंडी:
कछार गांव बड़ा में कई वर्षों से लगातार चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन इस वर्ष भी दिनांक 11/2/25 से प्रारंभ हुआ। आज चतुर्थ दिवस पर कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म 'प्रकट्य ' की कथा सुनाई। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया।
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर गांव में भव्य झांकी निकाली गई, जिसमें राधा-कृष्ण की झलकियों ने सभी भक्तों का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन सम्पूर्ण ग्रामवासियों द्वारा किया गया, जिसमें ओंकार उपाध्याय अध्यक्ष, राजेंद्र सिंह बागरी उपाध्यक्ष, भीष्म लाल तिवारी कोषाध्यक्ष और केशव प्रसाद पटेल सह कोषाध्यक्ष रहे। आयोजन समिति ने बताया कि यह यज्ञ हर वर्ष ग्राम की सुख-समृद्धि और शांति के लिए किया जाता है।
भगवत कथा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रमुख रूप से उपस्थित अतिथियों में सुशील कुमार तिवारी (पूर्व टेक्निकल माइसेम कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर), विजय बागरी (राष्ट्रीय कवि), शंभू बागरी, कैलाशचंद्र जैन (सरपंच),भाजपा नेता गोविन्द सिंह बागरी,पंडित सतेन्द्र तिवारी, आचार्य नरेश प्रसाद तिवारी एवं संगीत ग्रुप के महेन्द्र सिंह ठाकुर, पंकज तिवारी, अनिमेष दुबे, मुकेश कुमार दुबे, रिंकू तिवारी और रमेश पटेल शामिल थे।
भगवत कथा के दौरान कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया, जिसे सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। उन्होंने कंस वध की कथा भी सुनाई, जिससे पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य आरती की गई, जिसमें हजारों दीपों की रोशनी से पूरा पंडाल जगमगा उठा। भक्तों ने झूम-झूमकर नृत्य किया और प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। कृष्ण और राधा की वेशभूषा में बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
आयोजन समिति के अनुसार, यह ज्ञान यज्ञ 18 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन भिन्न-भिन्न कथाएं सुनाई जाएंगी और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की सफलता के लिए ग्रामवासियों ने विशेष योगदान दिया।
भगवत कथा की समाप्ति के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण से अपने और समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
