न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने छात्र-छात्राओं के साथ किया वृक्षारोपण,हरियाली के साथ दिया स्वच्छता का संदेश।
बनगवां स्कूल में विशेष वृक्षारोपण अभियान,विद्यार्थियों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प।
ढीमरखेड़ा। पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पदमा पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, बनगवां में विशेष वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में नब्या सेतु ग्रुप के अध्यक्ष अक्षत शर्मा की सहभागिता रही। विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने विद्यार्थियों के साथ पौधरोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित रूप से वृक्ष के रूप में विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल को अपनी दैनिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के लिए पेड़-पौधों के संरक्षण के साथ अपने घर, विद्यालय और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना भी आवश्यक है। स्वच्छता और हरियाली एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के प्रति सामूहिक जागरूकता से ही स्वस्थ एवं बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कोरोना महामारी के दौरान सामने आए ऑक्सीजन संकट का भी उल्लेख किया गया। उस कठिन समय में शुद्ध हवा और ऑक्सीजन के महत्व को पूरी दुनिया ने महसूस किया था। इसी संदर्भ में विद्यार्थियों को बताया गया कि पेड़-पौधे पर्यावरण के संतुलन और स्वच्छ वायु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक पौधरोपण और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
ग्रामीण अंचल के विद्यालयों में विधिक साक्षरता के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की पहल के तहत इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया। नब्या सेतु ग्रुप के अध्यक्ष अक्षत शर्मा की सहभागिता में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और उन्हें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण में सक्रिय सहभागिता करते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उन्हें पौधों में समय-समय पर पानी देने, उनकी सुरक्षा करने और उन्हें नुकसान से बचाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ द्वारा निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें इसके लिए व्यवहारिक रूप से जिम्मेदार बनाना भी रहा। वक्ताओं ने कहा कि एक पौधा लगाना पर्यावरण सेवा की शुरुआत है, जबकि उसकी नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष के रूप में विकसित करना वास्तविक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसकी सुरक्षा और देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में विद्यालय और ग्रामीण क्षेत्र को अधिक हराभरा बनाया जा सकता है।
विशेष वृक्षारोपण अभियान ने विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जुड़ने, स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लेकर विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है।


