गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई,गूंजे ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे।

 गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई,गूंजे ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे।

रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच जमकर थिरके श्रद्धालु,भक्ति और उल्लास के साथ हुआ गणेश उत्सव का समापन।

सिलौंडी। गणेश उत्सव के समापन अवसर पर सिलौंडी में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव और भावुक वातावरण के बीच भावपूर्ण विदाई दी। रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच निकली गणपति विसर्जन यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे मार्ग में ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयघोष करते हुए अपने आराध्य को विदाई देने पहुंचे।

गणेश प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना, महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणपति से परिवार, समाज एवं क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ विसर्जन स्थल के लिए रवाना किया गया।

विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का उत्साह और उमंग भी बढ़ता गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों पर युवा, महिलाएं और समिति के सदस्य जमकर थिरकते नजर आए। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।

रिमझिम बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बारिश की फुहारों के बीच श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल रहे। जगह-जगह लोगों ने गणपति बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर जहां उत्साह और उमंग दिखाई दे रही थी, वहीं अपने आराध्य को विदाई देते समय कई भक्त भावुक भी नजर आए।

गणेश उत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में कई दिनों तक धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की नियमित पूजा-अर्चना कर आरती की तथा विभिन्न धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की। उत्सव के अंतिम दिन आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को अंतिम विदाई दी गई।

विसर्जन के समय श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने आराध्य से अगले वर्ष पुनः पधारने की मंगलकामना की। भक्तों के बीच बार-बार ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं का कहना था कि गणपति बप्पा का आगमन क्षेत्र में श्रद्धा, सकारात्मकता और उत्साह लेकर आता है और विसर्जन के समय भक्तों के मन में अगले वर्ष बप्पा के पुनः आगमन की प्रतीक्षा शुरू हो जाती है।

इस तरह सिलौंडी में गणेश उत्सव भक्ति, आस्था, उल्लास और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई के साथ ही श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से भगवान श्री गणेश के आगमन की प्रतीक्षा शुरू कर दी। श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थना रही कि बप्पा सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आएं और अगले वर्ष फिर उसी उत्साह और भक्ति के साथ पधारें।

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