एक ही बस में सवार होकर भारत मंडपम पहुंचे केंद्रीय मंत्री और कई मुख्यमंत्री।
VIP काफिलों की संख्या घटाने और दिल्ली में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए अपनाई गई साझा यात्रा की व्यवस्था।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री अलग-अलग वाहनों के काफिलों के बजाय एक ही विशेष बस में सवार होकर भारत मंडपम के लिए रवाना हुए। संसद भवन परिसर से नेताओं की यह सामूहिक बस यात्रा चर्चा का विषय बन गई।
BRICS सम्मेलन में शामिल होने आए राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की मौजूदगी के चलते राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है। ऐसे में वीआईपी आवाजाही के दौरान अलग-अलग वाहनों के काफिलों से यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए साझा बस यात्रा की व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को संसद भवन परिसर से भारत मंडपम तक एक विशेष बस के माध्यम से ले जाया गया। भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित विशेष रात्रिभोज सहित महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित थे।
सामान्य तौर पर केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की आवाजाही अलग-अलग सरकारी वाहनों और सुरक्षा काफिलों के साथ होती है। ऐसे में एक ही बस में कई वरिष्ठ नेताओं का एक साथ सफर करना न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उल्लेखनीय रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिहाज से भी व्यवस्था को सरल बनाने में मदद मिली।
BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। सम्मेलन में देश-विदेश से आए शीर्ष नेताओं की आवाजाही के कारण राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों मोर्चों पर अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। ऐसे समय में वीआईपी काफिलों की संख्या सीमित रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है।
साझा बस में केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की यात्रा को इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। इससे एक साथ कई नेताओं की आवाजाही संभव हुई और अलग-अलग वाहनों के काफिलों के कारण होने वाले संभावित यातायात व्यवधान को कम किया जा सका।
इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई। लोगों ने वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के एक साथ बस में सफर करने को अलग-अलग नजरिए से देखा। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इसे देश के सभी मुख्यमंत्रियों के एक ही बस में सवार होने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बस में कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल थे।
BRICS सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है। ऐसे में नेताओं की आवाजाही के लिए अपनाई गई यह व्यवस्था सुरक्षा एजेंसियों और यातायात प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, संसद भवन से भारत मंडपम तक एक ही बस में केंद्रीय मंत्रियों और कई मुख्यमंत्रियों की यात्रा ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह कदम जहां वीआईपी मूवमेंट को सुव्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं राजधानी की व्यस्त सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करने में भी इसकी भूमिका रही।


