तीन साल बाद भी अधूरा वादा,अब भाजपा नेताओं के दरवाजे पर पहुंचा सिहोरा जिला आंदोलन।
भाजपा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी की चुनावी घोषणा का ऑडियो सुनाकर सौंपे जा रहे स्मरण पत्र,समिति ने पूछा-मुख्यमंत्री आखिर कब पूरा करेंगे वादा?
सिहोरा। सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा सिहोरा में की गई सार्वजनिक घोषणा को आधार बनाकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अब भाजपा के स्थानीय नेताओं के घर-घर पहुंचकर उन्हें चुनावी वादे की याद दिलाने का अभियान शुरू कर दिया है। समिति के सदस्य भाजपा नेताओं को स्मृति ईरानी की चुनाव पूर्व घोषणा का ऑडियो सुनाकर स्मरण पत्र सौंप रहे हैं और सरकार से सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।
इसी अभियान के द्वितीय दिवस शुक्रवार को आंदोलन समिति के सदस्य भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष शिशिर पांडे के निवास पर पहुंचे। समिति के सदस्यों ने उन्हें स्मृति ईरानी द्वारा विधानसभा चुनाव के पूर्व सिहोरा में की गई घोषणा का ऑडियो सुनाया। इसके बाद सिहोरा को जिला बनाने के वादे की याद दिलाते हुए उन्हें स्मरण पत्र सौंपा गया। समिति के इस अभियान के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
आंदोलन समिति का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सिहोरा को जिला बनाने का मुद्दा क्षेत्र की जनता के बीच प्रमुखता से उठाया गया था। चुनाव के पूर्व भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि सिहोरा को जिला बनाने का प्रस्ताव वह स्वयं सरकार के समक्ष लेकर जाएंगी। अब सरकार के गठन को लगभग तीन वर्ष का समय बीतने को है, लेकिन सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में अभी तक कोई ठोस और अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
समिति ने सवाल उठाया कि जब चुनाव के समय सिहोरा की जनता के सामने जिला बनाने का वादा किया गया था, तो सरकार बनने के बाद इस दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए? समिति का कहना है कि जनता लगातार इस घोषणा के अमल का इंतजार कर रही है और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जिला गठन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की स्पष्ट जानकारी चाहती है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि भाजपा नेताओं के सामने अब स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि आंदोलन के दौरान उन्हें चुनाव पूर्व की गई घोषणा का ऑडियो स्वयं सुनाया जा रहा है। ऐसे में घोषणा से पूरी तरह इंकार करना भी संभव नहीं है। समिति का दावा है कि भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेता भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव के पूर्व सिहोरा को जिला बनाने को लेकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई थी।
घोषणा से इंकार नहीं कर सकते - शिशिर पांडे
स्मरण पत्र प्राप्त करने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष शिशिर पांडे ने कहा कि यह सच है कि विधानसभा चुनाव के पूर्व उनके सामने भाजपा को वोट देकर विधायक और सरकार बनाने पर सिहोरा जिला का प्रस्ताव सरकार तक स्वयं ले जाने का वचन राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा दिया गया था। उन्होंने कहा कि सिहोरा जिला बनने का विषय महत्वपूर्ण है और वे इस मांग को सिहोरा विधायक तथा पार्टी संगठन के माध्यम से वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाने की बात कही।
शनिवार को पूर्व विधायक के निवास पर पहुंचेगा आंदोलन
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अपने अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। समिति के अनुसार शनिवार को उसके सदस्य पूर्व विधायक दिलीप दुबे एवं नगरपालिका अध्यक्ष संध्या दिलीप दुबे के निवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान उन्हें भी स्मृति ईरानी की चुनाव पूर्व घोषणा का ऑडियो सुनाया जाएगा और सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर स्मरण पत्र सौंपा जाएगा।
समिति ने स्पष्ट किया है कि उसका अभियान किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है। यह आंदोलन सिहोरा को जिला बनाने की मांग और चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। समिति का कहना है कि भाजपा के स्थानीय नेताओं को चुनाव पूर्व की गई घोषणा की याद दिलाकर सरकार तक जनता की मांग पहुंचाना ही अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
आने वाले चुनाव में जनता को क्या जवाब देंगे?
सिहोरा जिला आंदोलन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। समिति का कहना है कि आने वाले समय में भाजपा नेताओं को फिर जनता के बीच जाना होगा और उनसे वोट मांगना होगा। ऐसे में जनता के बीच यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठेगा कि चुनाव के पूर्व किया गया सिहोरा को जिला बनाने का वादा अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ।
आंदोलन समिति का सवाल है कि यदि राष्ट्रीय स्तर के नेता द्वारा सार्वजनिक मंच से की गई घोषणा पर भी अमल नहीं होता है, तो आने वाले चुनाव में भाजपा नेता सिहोरा की जनता की आंखों में आंखें डालकर किस आधार पर जवाब देंगे। समिति का कहना है कि जनता अब केवल चुनावी घोषणाएं और आश्वासन सुनने के बजाय जिला गठन की दिशा में ठोस निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई चाहती है।
समिति के अनुसार सिहोरा को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है और इसके पीछे क्षेत्र के विकास, प्रशासनिक सुविधा तथा आम नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की भावना जुड़ी हुई है। आंदोलन समिति का कहना है कि यदि सरकार सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इससे क्षेत्र की जनता में विश्वास मजबूत होगा।
शुक्रवार को हुए अभियान में अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, नंदकुमार परोहा, रामजी शुक्ला, अनिल खंपरिया, संतोष वर्मा, संजय पाठक, उमेश चौबे, प्रदीप दुबे, राकेश पाठक, संतोष पांडे, सुनील कुररिया, सुमित शुक्ला, शरद सेठ, मोहन सोंधिया, सुदामा गुप्ता, घनश्याम महोबिया सहित अनेक सिहोरा वासी उपस्थित रहे।


