शांति ही प्रगति का आधार,विश्व शांति दिवस पर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय ने लिया शांति और सद्भाव का संकल्प।
भावातीत ध्यान और योग के माध्यम से व्यक्तिगत शांति से लेकर समाज में सकारात्मक चेतना के विस्तार का दिया संदेश।
ब्रह्मस्थान-करौंदी, कटनी। विश्व शांति दिवस के विशेष अवसर पर 21 सितंबर 2026, सोमवार को महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, ब्रह्मस्थान-करौंदी में शांति, सद्भाव और सकारात्मक चेतना को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए विश्व में शांति, भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि महेश योगी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ हुई। इसके पश्चात विश्व शांति दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमुदाय को व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक एवं वैश्विक स्तर तक शांति की आवश्यकता के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ ध्यान एवं सिद्धि शिक्षक गिरिजा शंकर चौधरी ने अपने संबोधन में महर्षि महेश योगी जी के विश्व शांति के विचारों और उनके द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी जी का प्रमुख ध्येय विश्व में पूर्ण शांति की स्थापना करना था। उनके द्वारा प्रतिपादित भावातीत ध्यान और योग तकनीकों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर शांति एवं सकारात्मक चेतना का विकास किया जा सकता है, जिसका व्यापक प्रभाव समाज और राष्ट्र के वातावरण पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शांति केवल युद्ध और हिंसा से मुक्ति तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और आपसी संबंधों में संतुलन स्थापित करना भी शांति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब व्यक्ति स्वयं के भीतर शांति और संतुलन विकसित करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार, समाज और व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा उपस्थित सभी लोगों को शांति शपथ दिलाई गई। शपथ में प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में अहिंसा, सहिष्णुता, आपसी भाईचारे, सद्भाव और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में शांति एवं सकारात्मक चेतना के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी विश्व शांति के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, अनुशासन, सहिष्णुता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ विश्व शांति दिवस का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में शांति और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक विशेष पहल के रूप में किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं विश्व शांति के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान शांति, सद्भाव, अहिंसा और सकारात्मक चेतना का संदेश प्रमुखता से सामने आया।


