आस्था और परंपरा का महापर्व बना हरछठ,मातृशक्तियों ने संतान की दीर्घायु की कामना के साथ किया पूजन।
समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के निवास पर विधि-विधान से हुआ पूजन,हवन-यज्ञ के साथ भजन-कीर्तन में झूमीं मातृशक्तियां।
जिला कटनी। संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना को समर्पित हरछठ अर्थात हलषष्ठी व्रत का पर्व जिले में श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मातृशक्तियों ने दिनभर व्रत रखकर विधि-विधान से माता हलषष्ठी एवं भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भ्राता बलदाऊ जी का पूजन-अर्चन किया और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इसी क्रम में समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के निज निवास पर हरछठ व्रत के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कार्यक्रम में महिलाओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ माता हलषष्ठी का पूजन कर अपने बच्चों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने कहा कि हरछठ का पर्व भारतीय सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन माताओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे अपनी संतान के सुखी, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कठिन व्रत रखती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक पर्व परिवार और समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द, संस्कार एवं एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
पूजन के दौरान मातृशक्तियों ने भगवान श्रीगणेश, भगवान कार्तिकेय, भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती का स्मरण करते हुए परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। महिलाओं ने माता हलषष्ठी की कथा का श्रवण किया तथा ढोलक, झांझ और मंजीरों की मधुर ध्वनि के बीच भक्तिभाव से भजन-कीर्तन किया। धार्मिक वातावरण में महिलाओं की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था।
हरछठ व्रत के पारंपरिक स्वरूप के अनुसार माताओं ने दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को फलाहार ग्रहण किया। व्रत में बिना हल चलाए उगाई अथवा प्राप्त की जाने वाली पारंपरिक खाद्य सामग्री का विशेष महत्व माना जाता है। महिलाओं ने पसई के चावल, महुआ सहित निर्धारित फलाहार ग्रहण कर व्रत का पारण किया।
इस अवसर पर समाजसेवी रेखा नामदेव, शिक्षिका मीना विश्वकर्मा, निधि नामदेव, गोलू विश्वकर्मा, लड्डू विश्वकर्मा, अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी सहित अन्य मातृशक्तियों की सहभागिता रही। सभी ने सामूहिक रूप से माता हलषष्ठी से परिवार एवं समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सौहार्द बनाए रखने तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।


