तहसील की सबसे बड़ी 7.5 फीट गणेश प्रतिमा इमलई के राम दरबार में स्थापित,50वां वर्ष बना विशेष।

 तहसील की सबसे बड़ी 7.5 फीट गणेश प्रतिमा इमलई के राम दरबार में स्थापित,50वां वर्ष बना विशेष।

स्वर्ण जयंती वर्ष में भव्य गणेश उत्सव,सुबह-शाम आरती और प्रतिदिन भंडारे में उमड़ रहे श्रद्धालु।

सिलौंडी। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम इमलई स्थित श्री राम दरबार प्रांगण में इस वर्ष गणेश उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां गणेश प्रतिमा स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में गणेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पांच दशक से लगातार भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने की परंपरा आज भी पूरी आस्था और उत्साह के साथ जारी है।

स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस बार भक्तों द्वारा लगभग 7.5 फीट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। आयोजकों के अनुसार यह ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में स्थापित की गई सबसे बड़ी गणेश प्रतिमाओं में से एक है, जिसके चलते प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भव्य स्वरूप में विराजमान भगवान गणेश के दर्शन के लिए इमलई सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री राम दरबार प्रांगण पहुंच रहे हैं।

श्री राम दरबार परिसर में गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम विधि-विधान से भगवान गणेश की आरती की जा रही है। आरती के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आरती के बाद प्रतिदिन भव्य भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

गांव में गणेश उत्सव को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है। पांच दशक से चली आ रही इस परंपरा ने इमलई के श्री राम दरबार को क्षेत्र में धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है। गणेश उत्सव के दौरान दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने के साथ ही आरती और भंडारे में शामिल हो रहे हैं।

आयोजकों एवं ग्रामीणों का कहना है कि 50वें वर्ष का यह आयोजन उनके लिए विशेष महत्व रखता है। पांच दशक पहले शुरू हुई गणेश प्रतिमा स्थापना की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है और नई पीढ़ी भी इसमें उत्साहपूर्वक भाग ले रही है। इस वर्ष स्थापित की गई विशाल गणेश प्रतिमा और स्वर्ण जयंती वर्ष के आयोजन ने गणेश उत्सव को और भी विशेष बना दिया है।

गणेश उत्सव के चलते इमलई का श्री राम दरबार प्रांगण इन दिनों भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। शाम की आरती के समय विशेष रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होकर भगवान गणेश की आराधना करते हैं। प्रतिदिन होने वाले भंडारे में भी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है।

ग्राम इमलई में 50 वर्षों से चली आ रही गणेश प्रतिमा स्थापना की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीणों की एकजुटता और सामाजिक सहभागिता का भी उदाहरण बनी हुई है। स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित यह गणेश उत्सव क्षेत्रवासियों के लिए श्रद्धा और उत्साह का विशेष अवसर बन गया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post