हत्या के आरोपी को राहत दिलाने के आरोप में जमीन सौदे का मामला,CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन पर फिर।
82 लाख से अधिक की बताई गई जमीन 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराने के आरोप,हत्या प्रकरण की जांच में लापरवाही और कथित दबाव की भी जांच,IPS स्तर की जांच के बाद कुठला थाने में प्रकरण दर्ज।
कटनी। जिले में पदस्थ नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के खिलाफ हत्या के एक मामले की जांच से जुड़े कथित जमीन सौदे को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने नेहा पच्चीसिया सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामला कुठला थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपों में हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी के परिवार पर जमीन के सौदे के लिए कथित दबाव बनाने और जमीन को निर्धारित कीमत से काफी कम राशि में रजिस्ट्री कराने का मामला शामिल है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों का अंतिम सत्य न्यायिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड एवं सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक जमीन के लेन-देन, संबंधित बैंक खातों और पूरे सौदे में कथित मध्यस्थता की भूमिका की जांच की गई है।
हत्या प्रकरण से जुड़ा है पूरा मामला
मामले की शुरुआत एक हत्या प्रकरण से बताई जा रही है। 31 मार्च को नेहा पच्चीसिया के खेत में काम करने वाले झब्बू नामक मजदूर की हत्या हुई थी। इस मामले में रमेश लोधी सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया और रमेश लोधी को जेल भेजा गया। इसी प्रकरण के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से जमीन के सौदे को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि हत्या के मामले में राहत दिलाने तथा प्रकरण में बयान बदलवाने के नाम पर दबाव बनाया गया। इसी क्रम में जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया गया। सामने आई जांच संबंधी रिपोर्टों में हत्या प्रकरण में समय पर चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिलने के पहलू को भी जांच का हिस्सा बताया गया है।
जमीन की कीमत और रजिस्ट्री को लेकर सवाल
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, ग्राम कन्हवारा क्षेत्र की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन के मूल्य को लेकर बड़ा अंतर सामने आया। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी गाइडलाइन के आधार पर जमीन की कीमत करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में किए जाने का आरोप है। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये चेक और 3.20 लाख रुपये नकद भुगतान का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, शिकायत में जमीन के वास्तविक सौदे और कथित रूप से तय रकम को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। इसलिए पूरे लेन-देन की वास्तविकता, भुगतान की राशि और जमीन के बाजार मूल्य का निर्धारण जांच एवं दस्तावेजों के आधार पर होना महत्वपूर्ण है।
DGP के निर्देश पर हुई IPS स्तर की जांच
शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जांच कराई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जबलपुर रेंज के IG प्रमोद वर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IPS अनु बेनीवाल ने मामले से जुड़े आरोपों की जांच की। जांच में जमीन सौदे, कथित दबाव, पैसों के लेन-देन और हत्या प्रकरण की जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देखा गया।
जांच के बाद कटनी के कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है, ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।
तीनों पर क्या हैं आरोप
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक नेहा पच्चीसिया की भूमिका जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए आरोपी पक्ष पर कथित दबाव बनाने और पूरे सौदे से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर जांच के दायरे में आई है।
क्षितिजराज बारापात्रे पर कथित बिचौलिये की भूमिका निभाने तथा जमीन सौदे से जुड़े वित्तीय लेन-देन में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
मारूफ अहमद हनफी पर विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने और सौदे में खरीदार के रूप में भूमिका निभाने का आरोप है।
इन सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है। FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं करता।
90 दिन में चालान नहीं होने और डिफॉल्ट बेल का भी मुद्दा
मामले की जांच में हत्या प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं होने का पहलू भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, समय सीमा के भीतर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को वैधानिक अथवा डिफॉल्ट जमानत मिल गई। इस घटनाक्रम ने भी जांच अधिकारियों के सामने कई सवाल खड़े किए और इसे पूरे मामले की परिस्थितियों के संदर्भ में देखा गया।
पहले भी शिकायतों को लेकर चर्चा में रही हैं नेहा पच्चीसिया
नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी कटनी में शिकायतों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा में रही हैं। जुलाई 2026 में एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी की शिकायत के बाद उनके खिलाफ कथित अवैध वसूली से जुड़े आरोपों की जांच शुरू हुई थी। इस मामले में उनके चालक को निलंबित किया गया तथा उनसे तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। बाद में मामले की जांच जबलपुर स्थानांतरित किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
अगस्त में हाईकोर्ट ने भी कटनी एसपी द्वारा उनके कार्यक्षेत्र से थानों का प्रभार वापस लेने संबंधी प्रशासनिक आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
MPPSC में हासिल की थी 20वीं रैंक
नेहा पच्चीसिया का नाम वर्ष 2016 में MPPSC परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल करने के बाद चर्चा में आया था। उपलब्ध प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में काम किया था। बाद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए उन्होंने MPPSC में सफलता हासिल की और मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में DSP के रूप में चयनित हुईं।
एक समय अपनी मेहनत और करियर यात्रा के कारण चर्चा में रहीं नेहा पच्चीसिया अब गंभीर आरोपों और FIR के चलते जांच के केंद्र में हैं। हालांकि वर्तमान स्थिति में यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी नौकरी समाप्त होगी या पद पर कोई अंतिम कार्रवाई होगी। FIR और जांच के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे क्या कदम उठाया जाता है, यह संबंधित सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा।
फिलहाल पुलिस के सामने जमीन सौदे, कथित दबाव, वित्तीय लेन-देन और हत्या प्रकरण की जांच से जुड़े सभी पहलुओं को निष्पक्ष रूप से स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में आरोपित पक्षों का पक्ष और जांच की अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

