30 साल पुराने पुल पर बारिश में थम जाता है आवागमन,ग्रामीणों की परेशानी पर सीईओ ने लिया संज्ञान।

 30 साल पुराने पुल पर बारिश में थम जाता है आवागमन,ग्रामीणों की परेशानी पर सीईओ ने लिया संज्ञान।

सिलौड़ी-नैगई मार्ग के जर्जर एवं कम ऊंचाई वाले पुल की समस्या को लेकर युवक कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष शिवा नामदेव ने उठाई आवाज,पीडब्ल्यूडी से सर्वे कराकर नया पुल बनाने का सीईओ ने दिया आश्वासन।

सिलौड़ी। जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद सिलौड़ी से नैगई पहुंच मार्ग पर स्थित पुल की गंभीर समस्या को लेकर युवक कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष शिवा नामदेव एवं उनके साथियों ने जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन प्रीत कौर से मुलाकात कर उन्हें ग्रामीणों की परेशानी से अवगत कराया। ग्रामीणों के लिए यह पुल लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। लगभग 30 वर्ष पूर्व निर्मित इस पुल की ऊंचाई कम होने के कारण बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल के ऊपर पानी आ जाता है और सिलौड़ी-नैगई मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

शिवा नामदेव ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को बताया कि पुल की ऊंचाई कम होने के कारण हर वर्ष बरसात के दिनों में ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुल के ऊपर पानी आने से स्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित होता है और उन्हें स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। वहीं सिलौड़ी अस्पताल तक मरीजों को पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। सबसे गंभीर स्थिति उस समय निर्मित होती है, जब किसी गर्भवती महिला या गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को तत्काल अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में पुल पर पानी होने के कारण समय पर उपचार मिलना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान पुल के ऊपर पानी का बहाव तेज होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

युवक कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष शिवा नामदेव ने बताया कि उनके द्वारा पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार इस पुल की समस्या को जिम्मेदार अधिकारियों एवं प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल आवागमन से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और आम ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बरसात में मार्ग बंद होने से कई गांवों के लोगों को अनावश्यक रूप से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन प्रीत कौर ने तत्काल लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी से फोन पर चर्चा की। उन्होंने पुल की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराने और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीईओ ने जल्द से जल्द पुल का सर्वे कराकर नए पुल के निर्माण की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चली आ रही इस गंभीर समस्या का अब स्थायी समाधान हो सकेगा। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोक निर्माण विभाग पुल के सर्वे और निर्माण को लेकर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और कब तक ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिल पाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी समाधान चाहिए जिससे बारिश के मौसम में भी सिलौड़ी-नैगई मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सके और किसी मरीज, गर्भवती महिला अथवा स्कूली बच्चे को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी न रहे। अब सभी की निगाहें लोक निर्माण विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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