बरगी बांध के चार गेट और खुले,3988 क्यूमेक पानी की निकासी।
जलस्तर बढ़ने के चलते 13 जलद्वार 2.15 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले गए,नर्मदा घाटों पर 8 से 10 फीट तक बढ़ सकता है जलस्तर।
जबलपुर। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध में लगातार बढ़ रही पानी की आवक और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार 20 अगस्त को दोपहर 12 बजे चार और जलद्वार खोल दिए गए। चार गेट खुलने के बाद अब बांध के कुल 13 जलद्वारों से 3988 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध प्रबंधन द्वारा लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे से पहले बरगी बांध के नौ गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खुले हुए थे। इन नौ जलद्वारों से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ने पर जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए चार और गेट खोलने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बांध के खुले जलद्वारों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
वर्तमान में सभी 13 जलद्वारों को 2.15 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोला गया है और इनसे कुल 3988 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध से पानी की निकासी बढ़ाए जाने के कारण निचले क्षेत्रों में मां नर्मदा के घाटों और तटीय इलाकों में जलस्तर में 8 से 10 फीट तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
परियोजना प्रशासन ने नर्मदा नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से मां नर्मदा के घाटों एवं नदी के तटीय क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया है, ताकि बढ़ते जलस्तर के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
परियोजना प्रशासन के मुताबिक जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते गुरुवार 20 अगस्त की शाम 4 बजे बरगी बांध में 5185 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की गई। इसी समय बांध का जलस्तर 421.40 मीटर मापा गया, जबकि बरगी बांध का पूर्ण जल भराव स्तर 422.76 मीटर है।
लगातार बारिश और बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन द्वारा जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जल निकासी में बढ़ोतरी के कारण नर्मदा के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के घाटों तथा तटीय क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।

