शारदा माता मंदिर चोरी का खुलासा,विजयराघवगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता।

 शारदा माता मंदिर चोरी का खुलासा,विजयराघवगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता।

एक दर्जन से अधिक वारदातों के खुलासे का दावा,करीब 12 लाख रुपये का माल बरामद।दंपती गिरफ्तार,एक आरोपी सिवनी जेल में निरुद्ध और बाल अपचारी फरार।

विजयराघवगढ़।विजयराघवगढ़ स्थित प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, मंदिर में चोरी के साथ-साथ कटनी, सतना, सिवनी और दमोह सहित विभिन्न क्षेत्रों में मंदिरों तथा सूने मकानों में चोरी की कई वारदातों में शामिल एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों राजा उर्फ मोहन साहू और उसकी पत्नी राजनंदनी साहू को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरोह का एक अन्य आरोपी आदी उर्फ आदित्य बर्मन वर्तमान में सिवनी जेल में निरुद्ध है, जबकि एक बाल अपचारी फरार बताया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चोरी किए गए चांदी के मुकुट, छत्र, कमरबंद, पायल, बिछिया, सोने का लॉकेट सहित अन्य जेवरात और चोरी में प्रयुक्त सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। बरामद सामान एवं वाहन की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई है।

घटना 24 और 25 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात की है। विजयराघवगढ़ स्थित माता शारदा मंदिर में अज्ञात चोरों ने मंदिर के बाहर लगे करीब छह से सात ताले तोड़कर गर्भगृह में प्रवेश किया था। चोरों ने माता शारदा का चांदी का मुकुट, चांदी का छत्र, माता के गले में पहना हुआ सोने का लॉकेट, भगवान नरसिंह का मुकुट एवं छत्र तथा दान पेटी में रखी नगदी पर हाथ साफ कर दिया था। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में लगा सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए थे।

मंदिर की देखरेख करने वाले मुकेश त्रिपाठी की रिपोर्ट पर विजयराघवगढ़ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) एवं 331(4) के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के लगातार निर्देश एवं निगरानी में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने मंदिर के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई तथा घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास तेज किया।

इसी दौरान 19 अगस्त 2026 की सुबह करीब 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक सफेद रंग की कार ग्राम पड़खुरी होते हुए मैहर की ओर जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली।

कार में प्रेमनगर तिलक कॉलेज, कटनी निवासी राजा उर्फ मोहन साहू और उसकी पत्नी राजनंदनी साहू सवार मिले। पुलिस ने दोनों से बारीकी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने माता शारदा मंदिर विजयराघवगढ़ सहित ग्राम जिवारा, थाना बरही क्षेत्र के ग्राम पिपरिया और अन्य स्थानों पर चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि वे अपने बाल अपचारी पुत्र तथा ग्राम परसवारा विजयराघवगढ़ निवासी आदी उर्फ आदित्य बर्मन के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आदी बर्मन वर्तमान में चोरी के एक मामले में सिवनी जेल में निरुद्ध है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य वाहन से चोरी करने के लिए निकलते थे। वारदात स्थल पर पहुंचने के बाद दो सदस्य ताला तोड़कर बंद स्थान के भीतर प्रवेश करते थे, जबकि दो सदस्य बाहर रहकर निगरानी करते थे। किसी व्यक्ति के आने या गतिविधि दिखाई देने पर बाहर मौजूद सदस्य अंदर गए साथियों को सतर्क कर देते थे।

जांच में पुलिस ने आरोपियों द्वारा स्वीकार की गई कई चोरी की वारदातों का उल्लेख किया है। इनमें विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के शारदा माता मंदिर की चोरी, माधवनगर थाना क्षेत्र के पिपरौंध स्थित जैन मंदिर की दानपेटी से चोरी, बरही थाना क्षेत्र के रामजानकी मंदिर से भगवान के मुकुट चोरी करने की वारदात, कुठला थाना क्षेत्र की बिलहरी चौकी अंतर्गत हनुमान मंदिर से मुकुट चोरी करने की घटना शामिल है।

इसके अलावा सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र में राधाकृष्ण मंदिर से भगवान की बांसुरी, सिक्के एवं चांदी का सामान चोरी करने तथा ग्राम पटिहट स्थित सत्य माता मंदिर से छत्र, मुकुट आदि चोरी करने की वारदात का भी पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जिवारा, एनकेजे थाना क्षेत्र के ग्राम सरसवाही तथा शनि मंदिर के पास सूने मकान में चोरी की घटनाओं में भी शामिल होना स्वीकार किया है। इसके अतिरिक्त सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र स्थित मंदिर तथा दमोह जिले के एक मंदिर में चोरी की वारदात किए जाने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चांदी के तीन त्रिकोणाकार मुकुट, दो गोलाकार चांदी के छत्र, एक अन्य चांदी का त्रिकोणाकार मुकुट, चांदी का कमरबंद, चांदी की दो चूड़ियां, दो जोड़ी बोरा पायल, दो पतली पायल, छह नग बिछिया और एक सोने का लॉकेट बरामद किया है। इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजा उर्फ मोहन साहू के विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 36 अपराध पंजीबद्ध हैं। उसकी पत्नी राजनंदनी साहू के विरुद्ध विभिन्न थानों में कुल 9 अपराध दर्ज बताए गए हैं। वहीं आदी उर्फ आदित्य बर्मन के विरुद्ध भी विभिन्न थानों में कुल 9 अपराध पंजीबद्ध होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने कटनी के अलावा प्रयागराज, पन्ना, मैहर, सिवनी, सतना और दमोह सहित विभिन्न स्थानों पर जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार पूछताछ अभी जारी है और आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।

गिरफ्तार राजा उर्फ मोहन साहू, पिता स्वर्गीय गोपाल साहू, उम्र 42 वर्ष, निवासी प्रेमनगर तिलक कॉलेज, कटनी थाना एनकेजे, जिला कटनी तथा राजनंदनी साहू, पति राजा उर्फ मोहन साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी प्रेमनगर तिलक कॉलेज, कटनी को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। बाल अपचारी के फरार होने की जानकारी दी गई है। वहीं सिवनी जेल में निरुद्ध आदी उर्फ आदित्य बर्मन को जिला जेल सिवनी से लाकर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं अनुविभागीय अधिकारी वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन तथा विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में उनि रामकुमार झारिया, उनि शैलेन्द्र सिंह, महिला आरक्षक नेहा सिंह, आरक्षक पप्पू प्रजापति, वाहन चालक प्रधान आरक्षक मज्जू कोल, मुखबिर तंत्र एवं स्वतंत्र साक्षियों का भी महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है।

विजयराघवगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से मंदिरों और सूने मकानों में चोरी की लगातार वारदातों से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों और फरार बाल अपचारी की तलाश पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद चोरी की अन्य वारदातों और बरामद संपत्ति के संबंध में और भी खुलासे होने की संभावना जताई गई है।

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