गाजियाबाद में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की रील पर विवाद,दो युवक गिरफ्तार।

 गाजियाबाद में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की रील पर विवाद,दो युवक गिरफ्तार।

हनुमान मंदिर के सामने बनाई गई रील में आपत्तिजनक ऑडियो के इस्तेमाल का आरोप,सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच।

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान बनाई गई एक रील को लेकर विवाद सामने आया है। रील के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने आपत्ति जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई और पुलिस ने रील से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, मामला लोनी थाना क्षेत्र का है। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें जुलूस के दौरान दो युवक रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में जुलूस के एक हनुमान मंदिर के सामने से गुजरने का दृश्य भी रिकॉर्ड हुआ है। मंदिर के सामने बजरंगबली की विशाल प्रतिमा स्थापित है।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान बनाई गई रील में एक ऐसे गाने का इस्तेमाल किया गया, जिसके बोल को लेकर आपत्ति जताई गई। रिपोर्टों के मुताबिक रील के बैकग्राउंड में “तेरी हस्ती न मिटा दूं तो मैं मुसलमान नहीं” जैसे बोल वाला ऑडियो सुनाई देता है। हनुमान जी की प्रतिमा के दृश्य के साथ इस ऑडियो के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी सामने आई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की जाने लगी।

रील के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो की जांच शुरू की। पुलिस द्वारा रील बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से जुड़े युवकों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में वीडियो बनाने की परिस्थितियों, रील के सोशल मीडिया पर अपलोड होने तथा उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि रील किस उद्देश्य से बनाई गई थी और उसे सोशल मीडिया पर किस तरह प्रसारित किया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और पोस्ट को बिना सत्यापन आगे प्रसारित नहीं करने की अपील भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सोशल मीडिया के लिए वीडियो या रील बनाते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी धार्मिक स्थल, धार्मिक प्रतीक या समुदाय से जुड़े दृश्य के साथ ऐसा ऑडियो या सामग्री जोड़ना, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है, कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रील बनाने और उसे वायरल करने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था तथा प्रकरण में आगे कौन-कौन सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन और पुलिस के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के साथ-साथ क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है। वहीं आम लोगों से भी अपील है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें और किसी भी भड़काऊ या विवादित सामग्री को आगे साझा करने से बचें।

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