महिलाओं पर विधायक पन्नालाल शाक्य की विवादित टिप्पणी,मंच पर ही भाजपा विधायक प्रियंका पैंची से हुई तीखी नोकझोंक।
रामायण-महाभारत और इतिहास का हवाला देते हुए बोले शाक्य-महिलाओं के लिए पुरुष ही मरे,बयान पर महिला विधायक ने जताई आपत्ति।
गुना। नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी परिसर में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 का कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब मंच से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में शाक्य ने रामायण, महाभारत और इतिहास के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के कारण हुए युद्धों में पुरुषों की ही मौत हुई, जबकि कोई महिला नहीं मरी। विधायक के इस बयान पर मंच पर मौजूद चांचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने तत्काल आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बताया गया कि कृषि महोत्सव के दौरान विधायक पन्नालाल शाक्य अपने संबोधन में रामायण के प्रसंग का उल्लेख कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को लाना मौत का सामान है और उसे सम्मानपूर्वक वापस भेज देना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि रामायण के युद्ध में पुरुष मारे गए, कोई महिला नहीं मरी।
इसी क्रम में उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए द्रौपदी का उल्लेख किया। विधायक ने कहा कि एक पंचाली के कारण बड़ी संख्या में पुरुष मारे गए, लेकिन महिलाएं नहीं मरीं। इसके बाद उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का प्रसंग भी अपने तर्क के समर्थन में रखा और कहा कि संयोगिता के चक्कर में पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत मारे गए।
विधायक के इस संबोधन के दौरान मंच पर मौजूद चांचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने उनके कथन पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही बहस की स्थिति बन गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
शाक्य के बयान का वीडियो और उसके अंश सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है। महिला संबंधी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। हालांकि विधायक ने अपने संबोधन में जिन ऐतिहासिक और धार्मिक प्रसंगों का उल्लेख किया, उन्हें समाचार में उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन प्रसंगों से जुड़े उनके आंकड़ों और निष्कर्षों को स्वतंत्र ऐतिहासिक तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य इससे पहले भी अपने बेबाक और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इस बार बलराम कृषि महोत्सव जैसे सार्वजनिक सरकारी कार्यक्रम के मंच से महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
वहीं, मंच पर ही महिला विधायक द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के कारण मामला और अधिक चर्चा में आ गया। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी बहस शुरू हो गई है कि सार्वजनिक मंचों से जनप्रतिनिधियों को महिलाओं और धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते समय किस तरह की भाषा और तथ्यों का इस्तेमाल करना चाहिए।
बलराम कृषि महोत्सव-2026 के मंच पर सामने आए इस विवाद ने कार्यक्रम के मूल उद्देश्य से इतर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दे दिया है। विधायक पन्नालाल शाक्य का बयान अब सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि मंच पर उनके कथन पर आपत्ति जताने वाली विधायक प्रियंका पैंची की प्रतिक्रिया भी इस पूरे मामले का प्रमुख हिस्सा बन गई है।


