श्री सीताराम संकीर्तन से गूंज रही सिलौंडी,घर-घर पहुंच रही सनातन संस्कृति की सुगंध।

 श्री सीताराम संकीर्तन से गूंज रही सिलौंडी,घर-घर पहुंच रही सनातन संस्कृति की सुगंध।

श्रावण मास संकीर्तन महोत्सव का 30वां वर्ष,अखंड श्री सीताराम संकीर्तन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था।

सिलौंडी। श्रावण मास के पावन अवसर पर सिलौंडी क्षेत्र इन दिनों श्री सीताराम नाम के संकीर्तन से भक्तिमय बना हुआ है। श्री पंचमुखी दरबार के तत्वावधान में आयोजित श्रावण मास संकीर्तन महोत्सव का इस वर्ष 30वां वर्ष चल रहा है। पूरे सावन माह में अखंड श्री सीताराम संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामवासियों के साथ आसपास के गांवों के श्रद्धालु भी पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ सहभागिता कर रहे हैं।

इस वर्ष अखंड श्री सीताराम संकीर्तन के 21 दिन पूर्ण हो चुके हैं। संकीर्तन के दौरान सुबह से लेकर देर तक श्री सीताराम नाम की गूंज वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रही है। आयोजन में गांव के वरिष्ठ नागरिकों से लेकर महिलाएं, युवा और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर भगवान श्रीराम और माता सीता का स्मरण कर रहे हैं।

श्रावण मास के दौरान आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने सिलौंडी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया है। नेगाई, अतरसुमा, सांगवा सहित विभिन्न गांवों से श्रद्धालु संकीर्तन में पहुंचकर अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक रूप से भगवान का नाम स्मरण करने से जहां मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, वहीं नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है।

संकीर्तन महोत्सव में बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी के साथ युवा और बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रहकर सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम भी बन रहा है। सामूहिक संकीर्तन के माध्यम से ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना भी मजबूत होती दिखाई दे रही है।

आयोजन के संयोजक अमरेश राय ने बताया कि श्रावण मास संकीर्तन महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को घर-घर तक पहुंचाना और आने वाली पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि श्री सीताराम नाम का सामूहिक संकीर्तन समाज में भक्ति, संस्कार और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का कार्य करता है।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन पिछले 30 वर्षों से लगातार श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित किया जा रहा है। ग्रामवासियों के सहयोग से प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में अखंड श्री सीताराम संकीर्तन की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है। इस वर्ष भी ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को विशेष बना रहा है।

श्रावण मास में सिलौंडी और आसपास के गांवों में गूंज रहा श्री सीताराम नाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। एक माह तक चलने वाले इस संकीर्तन महोत्सव के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिक दौर में ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी में संस्कार और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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