चमोली की नीती घाटी में फ्लैश फ्लड,तमक नाले में बहा वैली ब्रिज,डोजर और वाहन भी बहे।

 चमोली की नीती घाटी में फ्लैश फ्लड,तमक नाले में बहा वैली ब्रिज,डोजर और वाहन भी बहे।

नीती-मलारी मार्ग पर आवागमन प्रभावित,BRO का चालक लापता,NDRF-SDRF और प्रशासन की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटीं।

चमोली। उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले की नीती घाटी में सोमवार शाम अचानक आई फ्लैश फ्लड ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। तमक नाले में अचानक तेज जलप्रवाह आने से नीती-मलारी सड़क पर तमक घाटी के समीप बना वैली ब्रिज पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। इसके साथ ही वहां मौजूद एक डोजर और एक वाहन भी तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद सीमांत क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना सोमवार शाम करीब 5:30 बजे के आसपास हुई। अचानक तमक नाले का जलस्तर बढ़ने से तेज बहाव आया और देखते ही देखते सड़क के एक महत्वपूर्ण पुल को अपने साथ बहा ले गया। घटना के समय क्षेत्र में मौजूद वाहनों और निर्माण कार्य से जुड़े उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि एक वाहन के साथ उसका चालक भी लापता है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लापता व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

फ्लैश फ्लड के कारण नीती-मलारी मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। पुल के बह जाने से सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर संपर्क बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि इसके कारण नीती घाटी के आसपास के करीब 15 से 16 गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यक सेवाएं और सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, सीमा सड़क संगठन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें सक्रिय हो गईं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमों को भी लगाया गया है। तेज बहाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच लापता चालक की तलाश की जा रही है। प्रशासन की टीमें लगातार घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

क्षेत्र में भारी बारिश और अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। अलकनंदा नदी के जलस्तर को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का प्राथमिक ध्यान लापता व्यक्ति की तलाश, प्रभावित मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने और सीमांत गांवों से संपर्क बनाए रखने पर है।

नीती घाटी सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में नीती-मलारी मार्ग पर पुल के बह जाने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं और मार्ग को वैकल्पिक तरीके से बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम और नदी-नालों की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों से संपर्क करें। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और लापता चालक की तलाश के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार है।

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