धान पंजीयन में लापरवाही पर प्रशासन की सख्ती,पटवारी की एक वेतनवृद्धि रोकी।
फर्जी कृषक पंजीयन का बिना समुचित परीक्षण सत्यापन करने पर कार्रवाई,कलेक्टर के निर्देश के बाद एसडीएम ने विभागीय जांच के उपरांत जारी किया आदेश।
कटनी। धान उपार्जन प्रक्रिया में किसानों के पंजीयन एवं सत्यापन कार्य में लापरवाही बरतना एक पटवारी को महंगा पड़ गया। फर्जी कृषक पंजीयन का आवश्यक अभिलेखीय परीक्षण किए बिना सत्यापन करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पटवारी संजय कोल की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी है। यह कार्रवाई कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश के पालन में एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी द्वारा विभागीय जांच पूरी होने के बाद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धान उपार्जन वर्ष 2025-26 के दौरान एक कृषक के विभिन्न भूमि खातों से पंजीयन किए जाने का मामला सामने आया था। पंजीयन प्रक्रिया में अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने एसडीएम कटनी को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
जांच के दौरान तहसील रीठी अंतर्गत ग्राम बूढ़ा की कृषक मीरा बाई का विभिन्न किसानों की भूमि पर पंजीयन किए जाने की जानकारी सामने आई। प्रकरण की जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित पंजीयन का पटवारी संजय कोल द्वारा आवश्यक अभिलेखों और तथ्यों का समुचित परीक्षण किए बिना सत्यापन कर दिया गया। प्रशासन ने इसे निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत मानते हुए शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही के रूप में लिया।
पहले निलंबन, फिर विभागीय जांच
प्रकरण सामने आने के बाद एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी द्वारा पटवारी संजय कोल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। इसके बाद पटवारी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन तथा तहसीलदार रीठी से प्राप्त अभिमत का परीक्षण किया गया। पटवारी की परिवीक्षा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें निलंबन से बहाल करते हुए तहसील कार्यालय रीठी में वर्कलोड पटवारी के रूप में पदस्थ किया गया।
इसके साथ ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभागीय जांच भी संस्थित की गई। तहसीलदार रीठी को विभागीय जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच अधिकारी द्वारा प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों, पंजीयन प्रक्रिया तथा संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी का परीक्षण कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
सत्यापन प्रक्रिया में सामने आई चूक
विभागीय जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और पटवारी द्वारा प्रस्तुत पक्ष का विधिवत परीक्षण किया गया। समग्र परीक्षण के बाद यह पाया गया कि धान उपार्जन से संबंधित कृषक पंजीयन का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक परीक्षण किए बिना सत्यापन किया गया था। प्रशासन के अनुसार इस चूक के कारण शासकीय कार्य के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता प्रमाणित हुई।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 में निहित प्रावधानों के तहत पटवारी संजय कोल की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
किसानों से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
धान उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया में किसानों के पंजीयन और सत्यापन की जिम्मेदारी मैदानी स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों से संबंधित योजनाओं, उपार्जन प्रक्रिया, पंजीयन, गिरदावरी और सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र किसानों को योजनाओं और उपार्जन व्यवस्था का लाभ सुनिश्चित कराने के साथ-साथ अपात्र अथवा फर्जी पंजीयन के माध्यम से शासकीय व्यवस्था के दुरुपयोग की किसी भी संभावना को रोका जाए। इसके लिए मैदानी स्तर पर होने वाले सत्यापन कार्य को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि किसानों से जुड़ी योजनाओं और धान उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में दस्तावेजों के परीक्षण तथा सत्यापन की प्रक्रिया में लापरवाही करने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे आने वाले समय में पंजीयन एवं सत्यापन प्रक्रिया में अधिक सतर्कता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है।


