डिंडोरी में नर्मदा का रौद्र रूप,दोनों पुल जलमग्न,जबलपुर-अमरकंटक मार्ग प्रभावित।
भारी बारिश के बाद तेजी से बढ़ा नदी का जलस्तर,नर्मदा किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की नजर,लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
डिंडोरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मां नर्मदा ने अपना रौद्र और विशाल स्वरूप धारण कर लिया है। नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद डिंडोरी नगर में नदी उफान पर आ गई। स्थिति इतनी गंभीर हुई कि नर्मदा पर बने दोनों पुल जलमग्न हो गए, जिसके चलते जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया और नर्मदा किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
लगातार बारिश के कारण डिंडोरी सहित आसपास के क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। नर्मदा में पानी बढ़ने के साथ ही नदी का स्वरूप बेहद विशाल दिखाई देने लगा। सामान्य दिनों में शांत और सहज दिखाई देने वाली मां नर्मदा इन दिनों तेज प्रवाह के साथ अपने रौद्र रूप में नजर आ रही हैं। नर्मदा के बढ़े हुए जलस्तर का असर आवागमन पर भी पड़ा है और पुलों के जलमग्न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नर्मदा के इस तरह उफान पर आने का दृश्य लंबे समय बाद देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर इसे 39 वर्षों बाद आई ऐसी भीषण बाढ़ बताया जा रहा है। हालांकि 39 वर्षों बाद इतनी बड़ी बाढ़ आने के दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे को ऐतिहासिक तथ्य के रूप में प्रमाणित करने के लिए पुराने जलस्तर और बाढ़ के सरकारी रिकॉर्ड की आवश्यकता होगी।
इस बीच नर्मदा का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए कौतूहल के साथ-साथ चिंता का विषय भी बना हुआ है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
नर्मदा के इस विराट स्वरूप को देखकर स्थानीय लोग इसे प्रकृति की शक्ति का अद्भुत दृश्य बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में नर्मदा का ऐसा रौद्र रूप बहुत कम अवसरों पर देखा है। नई पीढ़ी के लिए भी यह दृश्य अपने आप में असाधारण अनुभव बन गया है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आवागमन को सामान्य बनाए रखना है। लगातार बारिश के बीच नदी और जलाशयों के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में नर्मदा का जलस्तर और बढ़ता है या घटता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
डिंडोरी में मां नर्मदा का यह रौद्र रूप एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि प्रकृति के सामने मानव कितना भी सक्षम क्यों न हो, उसकी शक्ति के आगे उसे सावधानी और सतर्कता के साथ ही कदम बढ़ाने पड़ते हैं।


