त्याग,तपस्या,भक्ति और सेवा का माधव नगर में अनोखा संगम।
चालीहो साहिब के समापन पर विशाल झूलेलाल मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन,मंदिर ट्रस्ट ने करण सिंह चौहान का किया आत्मीय सम्मान।
कटनी।माधव नगर स्थित विशाल झूलेलाल मंदिर प्रांगण में सिंधी समाज के पवित्र धार्मिक पर्व चालीसवां, चालीहो साहिब के समापन अवसर पर भव्य धार्मिक समारोह एवं महाप्रसाद लंगर का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भगवान श्री झूलेलाल जी की आराधना और धार्मिक वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
चालीहो साहिब सिंधी समाज की आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। चालीस दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक पर्व के समापन पर आयोजित समारोह में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से भगवान श्री झूलेलाल जी की पूजा-अर्चना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया। धार्मिक आयोजन के साथ महाप्रसाद एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समापन समारोह के दौरान मंदिर समिति एवं ट्रस्ट की ओर से जिला कांग्रेस शहर एवं ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष करण सिंह चौहान का शाल, श्रीफल एवं भगवान श्री झूलेलाल जी का शुभ तैल चित्र भेंट कर आत्मीय अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिंधी समुदाय के प्रमुख झम्मटमल थारवानी ने अपने हाथों से करण सिंह चौहान को सम्मानित कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित समाजजनों ने भी उनका स्वागत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए करण सिंह चौहान ने कहा कि वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें भगवान श्री झूलेलाल जी के पावन दरबार में सिंधी समाज के बीच सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों के स्नेह और आशीर्वाद के बीच मिला यह सम्मान उनके लिए गौरव और आत्मीयता का विषय है। उन्होंने मध्यप्रदेश सिंधी समुदाय के प्रमुख झम्मटमल थारवानी द्वारा अपने हाथों से सम्मानित किए जाने को भी अपने लिए विशेष सौभाग्य बताया।
करण सिंह चौहान ने कहा कि जल और ज्योति के अवतार भगवान श्री झूलेलाल जी का चालीसवां पर्व त्याग, तपस्या, भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानव सेवा, परोपकार और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश देता है। सिंधी समाज ने देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सेवा भावना को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति सिंधी समाज की आस्था सदैव प्रेरणादायी रही है। समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का भी कार्य करते हैं।
करण सिंह चौहान ने मंदिर समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों और महाप्रसाद लंगर की व्यवस्था में जुटे सभी सेवादारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों, बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था करना अपने आप में बड़ी सेवा है। जिस समर्पण और अनुशासन के साथ सेवादारों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह समाज की सेवा भावना और एकजुटता को दर्शाता है।
उन्होंने भगवान श्री झूलेलाल जी से प्रार्थना करते हुए कहा कि सिंधी समाज सहित समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और वैभव बना रहे। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता की भावना निरंतर मजबूत हो तथा आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रहें।
चालीहो साहिब के समापन अवसर पर विशाल झूलेलाल मंदिर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री झूलेलाल जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आयोजित महाप्रसाद एवं लंगर में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। सेवा कार्य में जुटे लोगों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद ग्रहण कराया।
आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता की भी झलक देखने को मिली। समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं के बीच भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति आस्था और चालीहो साहिब के प्रति श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस पुनीत अवसर पर सिंधी समुदाय के वरिष्ठ नेता झम्मटमल थारवानी, राजा जगवानी, वरिष्ठ समाजसेवी खियल दास चावला, डॉ. प्रेम जसूजा, पायल जैतवानी, सुनील थरेजा, विजय वाधवानी, राजकुमार चावला, लकी थारवानी, श्याम पाहुजा सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, समाजसेवी, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर समिति एवं ट्रस्ट की ओर से धार्मिक आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी समाजजनों, सेवादारों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। चालीहो साहिब का यह समापन समारोह श्रद्धा, सेवा, त्याग, तपस्या और सामाजिक एकता की यादगार मिसाल बनकर सामने आया।


