मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला,पटवारियों पर बिना प्रारंभिक जांच दर्ज नहीं होगी एफआईआर।
राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी कलेक्टरों को जारी किए निर्देश,पहले होगी तथ्यों की जांच,उसके बाद ही होगी कानूनी कार्रवाई,अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच आया अहम निर्णय।
भोपाल।मध्य प्रदेश में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे पटवारियों के बीच राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. राकेश कुमार द्वारा प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पटवारी के विरुद्ध केवल उसके प्रतिवेदन के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की आपराधिक कार्रवाई से पूर्व मामले का प्रारंभिक परीक्षण (प्रारंभिक जांच) कराया जाएगा और तथ्यों के आधार पर ही नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन अनेक मामलों में पटवारी केवल प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। अंतिम निर्णय संबंधित राजस्व अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाता है। ऐसी स्थिति में केवल प्रतिवेदन को आधार बनाकर पटवारी के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसलिए भविष्य में यदि किसी मामले में पटवारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है, तो पहले संपूर्ण तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में यदि प्रथम दृष्टया दोष या अनियमितता सामने आती है, तभी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस निर्णय को प्रदेश के पटवारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से पटवारी संघ यह मांग उठा रहा था कि बिना प्रारंभिक जांच उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज न किए जाएं और उन्हें विधिसम्मत प्रक्रिया का संरक्षण प्रदान किया जाए। सरकार द्वारा जारी नवीन निर्देशों से इस मांग को आंशिक रूप से स्वीकार किए जाने के संकेत मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के लगभग 23 हजार पटवारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण प्रदेश के अनेक जिलों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, राजस्व अभिलेखों के संधारण तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के इस फैसले के बाद पटवारी संघ की ओर से इसे सकारात्मक पहल माना जा रहा है, हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी अन्य मांगों पर भी सरकार से सार्थक चर्चा और समाधान आवश्यक है। इसी कारण फिलहाल हड़ताल समाप्त करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और आंदोलन पूर्ववत जारी है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को सरकार द्वारा पटवारियों के साथ संवाद और समाधान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार और पटवारी संघ के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आंदोलन कब समाप्त होगा और प्रदेश में राजस्व सेवाएं पूरी तरह सामान्य कब हो पाएंगी।


