न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध ग्राम पंचायत कूड़ा (मर्दा) की सरपंच निलंबित।
एसडीएम बहोरीबंद ने मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 39 के तहत की कार्रवाई,न्यायिक अभिरक्षा में होने के कारण तत्काल प्रभाव से जारी हुआ निलंबन आदेश।
कटनी। बहोरीबंद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कूड़ा (मर्दा) की सरपंच गिरजा बाई शर्मा को न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध होने के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पद से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 39 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी बहोरीबंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निलंबन आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। आदेश जारी होते ही पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बहोरीबंद द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत कूड़ा (मर्दा) की सरपंच गिरजा बाई शर्मा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 311/2026 विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पंजीबद्ध है। संबंधित आपराधिक प्रकरण में उन्हें 18 जुलाई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल कटनी में निरुद्ध किया गया है। न्यायिक अभिरक्षा में होने की स्थिति में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित पदाधिकारियों पर लागू वैधानिक प्रावधानों के तहत उनके विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
प्रकरण से संबंधित समस्त अभिलेखों, प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के उपरांत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी बहोरीबंद प्रदीप कुमार मिश्रा ने मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 39 में निहित अधिकारों का उपयोग करते हुए गिरजा बाई शर्मा को तत्काल प्रभाव से सरपंच पद से निलंबित करने के आदेश जारी किए। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा तथा इस अवधि में वे सरपंच पद के अधिकारों एवं दायित्वों का निर्वहन नहीं कर सकेंगी।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पंचायत के नियमित प्रशासनिक, विकास एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए शासन के निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जाएगी। पंचायत से संबंधित सभी आवश्यक कार्य सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार संचालित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में यह स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि को किसी आपराधिक प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों का परीक्षण कर संबंधित जनप्रतिनिधि को पद से निलंबित करने की कार्रवाई कर सकता है। इसी वैधानिक व्यवस्था के तहत यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह विधिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है तथा उपलब्ध अभिलेखों एवं प्रतिवेदन के आधार पर आदेश पारित किया गया है। प्रकरण से संबंधित न्यायालयीन प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी तथा भविष्य में न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
निलंबन आदेश जारी होने के बाद यह मामला बहोरीबंद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है और पंचायत के विकास कार्यों एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। पंचायत की व्यवस्थाएं पूर्ववत संचालित रहेंगी तथा ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं निरंतर उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।


