असम बाढ़ त्रासदी: मृतकों की संख्या बढ़ने पर मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला,पीड़ित परिवारों को मिलेगी अतिरिक्त आर्थिक सहायता।

 असम बाढ़ त्रासदी: मृतकों की संख्या बढ़ने पर मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला,पीड़ित परिवारों को मिलेगी अतिरिक्त आर्थिक सहायता।

मृतकों के परिजनों को कुल 9 लाख रुपये की सहायता,राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सरकार ने बढ़ाई तेजी।

असम में लगातार हो रही भारी बारिश और भीषण बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे हजारों गांव जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ की इस विभीषिका में अब तक 75 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है।

बाढ़ से बढ़ते नुकसान और मृतकों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को मिलने वाली चार लाख रुपये की निर्धारित अनुग्रह राशि के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये और प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल नौ लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य सरकार ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का निर्णय लिया है। कई मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारी के प्रमाणन के आधार पर भी सहायता राशि प्रदान की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

राज्य के विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, सेना तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। राहत शिविरों में हजारों लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है, जहां भोजन, पेयजल, दवाइयों और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न रहे तथा पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील भी की है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी रहेंगे।

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