देहदान कर शिक्षा को समर्पित जीवन की अनूठी मिसाल,जन्म जयंती पर विद्यार्थियों को बांटी गई अध्ययन सामग्री।
स्वर्गीय कमलेश राय की स्मृति में सिलौंडी के सभी शासकीय विद्यालयों में कॉपी,पेन एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण,परिवार ने सेवा और संस्कार का दिया प्रेरक संदेश।
सिलौंडी। शिक्षा के क्षेत्र में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले तथा निधन के बाद भी मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए अपना देहदान करने वाले सिलौंडी के सेवानिवृत्त प्राचार्य स्वर्गीय कमलेश राय की जन्म जयंती सेवा, संवेदना और समाजहित के अनूठे संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मनोरमा राय, पुत्र अमरेश राय एवं पुत्रवधू शिखा राय द्वारा सिलौंडी के सभी शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कॉपी, पेन तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्वर्गीय कमलेश राय को श्रद्धापूर्वक स्मरण करना ही नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा। विद्यालयों में अध्ययन सामग्री प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों ने परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
स्वर्गीय कमलेश राय ने अपने जीवन के लगभग 42 वर्ष 6 माह शासकीय विद्यालयों में शिक्षक एवं प्राचार्य के रूप में सेवाएं देते हुए हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य किया। शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा केवल जीवनकाल तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि निधन के उपरांत भी उन्होंने अपना देहदान जबलपुर मेडिकल कॉलेज को समर्पित कर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उनके देहदान से अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो उनके जीवन के सर्वोच्च मानवीय संदेश को जीवंत बनाए हुए है।
स्वर्गीय कमलेश राय के पुत्र अमरेश राय ने बताया कि क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह की प्रेरणा से परिवार ने यह संकल्प लिया है कि परिवार के सदस्यों की जन्म जयंती एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों को उत्सव के रूप में मनाने के साथ-साथ समाजोपयोगी कार्यों से भी जोड़ा जाएगा। इसी सोच के तहत इस वर्ष उनके पिता की जन्म जयंती पर विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सहयोग मिल सके और सेवा का यह संदेश समाज में आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि उनके पिता सदैव शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा को जीवन का सबसे बड़ा धर्म मानते थे। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से परिवार भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने स्वर्गीय कमलेश राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शिक्षा, सेवा और मानवता के प्रति समर्पित जीवन को प्रेरणास्रोत बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी शिक्षक का अपने जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी शिक्षा के लिए योगदान देना समाज के लिए एक दुर्लभ और अनुकरणीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को सेवा, त्याग और मानव कल्याण की प्रेरणा देता रहेगा।


