दतिया उपचुनाव में गरमाई सियासत,जीतू पटवारी के 'अहंकारी' बयान पर डॉ.नरोत्तम मिश्रा का पलटवार,बोले-मैं अहंकारी नहीं,संस्कारी हूं।
कांग्रेस नेताओं के आरोपों का दिया जवाब,चुनावी हार-जीत के आंकड़ों का किया जिक्र,दतिया उपचुनाव में तेज हुई भाजपा-कांग्रेस की जुबानी जंग।
दतिया,ग्रामीण खबर MP।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणियों तक पहुंच गया है। इसी क्रम में प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का तीखा जवाब देते हुए कहा कि वे अहंकारी नहीं बल्कि संस्कारी हैं।
दतिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं अहंकारी नहीं, संस्कारी हूं। छाज बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें हजार छेद हैं।" उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने उन्हें अहंकारी बताया है, वे स्वयं बड़े अंतर से चुनाव हार चुके हैं और उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर भी विचार करना चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में चुनावी आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह लगभग एक लाख 46 हजार वोटों से चुनाव हार चुके हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बड़े अंतर से चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं दतिया विधानसभा चुनाव में अपेक्षाकृत कम अंतर से पराजित हुए थे, इसके बावजूद उन्हें अहंकारी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच उनका व्यवहार हमेशा संस्कारों और विकास की राजनीति पर आधारित रहा है।
दरअसल, दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए भाजपा और विशेष रूप से डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधा था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा को "अहंकारी" बताते हुए कहा था कि दतिया की जनता इस बार अहंकार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। कांग्रेस नेताओं ने उपचुनाव को लोकतंत्र और जनमत की लड़ाई बताते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने का आह्वान भी किया था।
भाजपा की ओर से इसके जवाब में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर राजनीतिक द्वेष फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा विकास, जनसेवा और संगठन की ताकत के आधार पर चुनाव मैदान में उतर रही है। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता विकास कार्यों को ध्यान में रखकर अपना निर्णय करेगी और भाजपा को पुनः समर्थन देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं बल्कि प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे अपनी पिछली जीत बरकरार रखने की चुनौती के रूप में देख रही है, वहीं भाजपा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक वापसी का अवसर मानकर पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच चुनावी बयानबाजी और अधिक तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

