राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला,CCTV फुटेज से खुला कथित गबन का राज,आठ आरोपी गिरफ्तार,करोड़ों के चढ़ावे में अनियमितताओं की जांच तेज।
42 दिनों में दर्जनों बार कथित चोरी के संकेत,ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर,एसआईटी जांच के बाद हुई कार्रवाई,लगभग 80 लाख रुपये बरामद होने का दावा।
अयोध्या,ग्रामीण खबर MP।
देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और बहुमूल्य वस्तुओं के कथित गबन का मामला अब आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के बाद सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से अब तक लगभग 79.80 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है।
मामले की जांच राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद कार्रवाई तेज की गई। जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं।
समाचारों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर परिसर और दान गणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत परीक्षण किया। जांच में कथित रूप से 27 अप्रैल से 5 जून के बीच 42 दिनों में लगभग 70 अवसरों पर चढ़ावे में अनियमितताओं के संकेत मिले। फुटेज में कुछ कर्मचारी नकदी निकालते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, गबन, आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज हुई।
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मंदिर में प्राप्त दान की गिनती, सुरक्षा अथवा उससे संबंधित व्यवस्थाओं से किसी न किसी रूप में जुड़े थे। इनमें रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडे और रामाशंकर मिश्रा के नाम शामिल हैं।
एसआईटी की जांच के दौरान कई आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से लगभग 79.80 लाख रुपये की नकदी बरामद होने का दावा किया गया। सभी आठ आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
मामले के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की भी खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन इस्तीफों के संबंध में ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा है।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने, ट्रस्ट के पुनर्गठन तथा प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए बड़े लोगों की भूमिका की जांच की मांग की। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, बैंक लेनदेन, दान पेटियों की गणना प्रक्रिया, नियुक्तियों और प्रशासनिक व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही हैं। एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि कथित गबन में केवल गिरफ्तार आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है, जबकि आरोपियों के विरुद्ध लगे आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही किया जाएगा।

