कटनी में वन्यजीवों की सामूहिक मौत से सनसनी,तालाब में ज़हर मिलाने की आशंका।
14 हिरणों की मौत के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार,वन विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच जारी।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र से शनिवार को एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के घुघरी कांटी के समीप स्थित एक तालाब के आसपास बड़ी संख्या में मृत हिरण मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि तालाब के पानी में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने के कारण वन्यजीवों की मौत हुई है। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत वन्यजीवों में 12 चीतल और 2 सांभर शामिल हैं। सभी शव तालाब के आसपास अलग-अलग स्थानों पर मिले। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।
घटनास्थल से पानी एवं अन्य नमूनों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। हालांकि शुरुआती जांच में तालाब में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की संभावना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर तालाब में जहरीला पदार्थ क्यों मिलाया गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह वन्यजीवों के शिकार या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ा मामला तो नहीं है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं जैव विविधता के लिए अत्यंत गंभीर खतरा हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में संरक्षित वन्यजीवों की मौत न केवल पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों के उल्लंघन का भी गंभीर मामला है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना की सूचना फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और वन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की मांग की है।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।
कटनी जिले में हुई यह घटना प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वन क्षेत्रों में नियमित निगरानी, आधुनिक तकनीक का उपयोग, स्थानीय लोगों की भागीदारी और सख्त कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से ही भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिनसे इस सामूहिक वन्यजीव मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।

