बड़वारा में जनता का फूटा आक्रोश,दारू भट्टी हटाने और नो-एंट्री नियम लागू करने की मांग को लेकर चक्काजाम।

 बड़वारा में जनता का फूटा आक्रोश,दारू भट्टी हटाने और नो-एंट्री नियम लागू करने की मांग को लेकर चक्काजाम।

‘मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन,प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

बड़वारा,ग्रामीण खबर MP।

नगर के बस्ती क्षेत्र में संचालित शराब भट्टी को हटाने तथा भारी वाहनों के लिए निर्धारित नो-एंट्री नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर रविवार को बड़वारा में लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ‘मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ संगठन के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों ने चक्काजाम कर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बस्ती क्षेत्र के बीच संचालित शराब भट्टी लंबे समय से सामाजिक और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब भट्टी के आसपास शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं तथा महिलाओं को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस संबंध में शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय सूर्यवंशी ने कहा कि बस्ती के बीच स्थित शराब भट्टी के कारण सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के नशे में धुत लोग सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे छात्राओं और महिलाओं को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और यदि जल्द ही भट्टी को वहां से नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने केवल शराब भट्टी का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि नगर में नो-एंट्री नियमों के उल्लंघन को लेकर भी प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि भारी और ओवरलोड ट्रक दिनभर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हैं, जबकि इन मार्गों पर प्रतिबंधित समय में ऐसे वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई बार हादसे होते-होते बचे हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

चक्काजाम के दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को अवगत कराया जाएगा।

आंदोलन में जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, अनुज, धनेंद्र, हिमांशु, पीतम, खिलावन, वीरू, छोटे लाल, करन, पंकज, रमन, शुभम, मनोज, कमलेश, देवकरण सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की और स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर अब किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्ती क्षेत्र से शराब भट्टी नहीं हटाई गई और नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल एक मांग का नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा, सामाजिक व्यवस्था और नागरिक हितों की रक्षा का आंदोलन है, जिसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो जाता।

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