कटनी के जय उदासी को मिला स्वर्ण पदक,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में हुए सम्मानित।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में एम.कॉम.परीक्षा 2022 में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर मिला "स्व.शंकरलाल चौबे स्मृति स्वर्ण पदक",जिले का बढ़ाया मान।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
जिले के युवा और मेधावी छात्र जय उदासी ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा कटनी जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में जय उदासी को एम.कॉम. परीक्षा 2022 में विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए प्रतिष्ठित "स्व. शंकरलाल चौबे स्मृति स्वर्ण पदक" से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान इसलिए भी विशेष बन गया क्योंकि समारोह की मुख्य अतिथि भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू थीं। राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जय उदासी को जब मंच पर स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, तब वह क्षण उनके लिए ही नहीं बल्कि कटनी जिले के लिए भी गौरव और सम्मान का विषय बन गया।
दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद् एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की गई और उन्हें देश व समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
जय उदासी ने अपनी उच्च शिक्षा सिलिकोबाइट कटनी डिग्री कॉलेज, कटनी से प्राप्त की है। अध्ययन के दौरान उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक अर्जित किए। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
जय उदासी की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है। कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों ने भी उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। शिक्षकों का कहना है कि जय ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल कॉलेज बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद जय उदासी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वर्ण पदक उनके लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि आगे और अधिक मेहनत करने तथा जीवन में नई ऊँचाइयों को छूने की प्रेरणा है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों से भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और शिक्षा को सफलता का सबसे मजबूत माध्यम मानने की अपील की।
कटनी जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले के एक युवा ने विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में मिला यह प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक न केवल जय उदासी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उनकी इस सफलता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि कटनी की प्रतिभाएं अवसर मिलने पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

