रुक्मिणी विवाह प्रसंग में भक्ति के रंग में रंगा खम्हरिया,कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु।
बाबा हरिदास जी के बंगले में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का छठवां दिवस सम्पन्न,आकर्षक झांकी और भव्य बारात ने बांधा समां।
रीठी,ग्रामीण खबर MP।
ग्राम खम्हरिया नंबर-1 स्थित पूज्य बाबा हरिदास जी के बंगले में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का श्रवण कर भावविभोर हो उठे।
परम पूज्य कथाव्यास श्री श्री 1008 श्री जगदेव बड़गैंया जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं मधुर श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने आराध्य और जीवनसाथी के रूप में हृदय से स्वीकार कर लिया था। उनका प्रेम सांसारिक आकर्षण नहीं बल्कि पूर्ण समर्पण, विश्वास और आध्यात्मिक निष्ठा का प्रतीक था।
कथाव्यास महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम और त्याग की विजय का संदेश देने वाला दिव्य उदाहरण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में धर्म, सेवा, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे दिखाई दिए तथा पूरे पंडाल में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
रुक्मिणी विवाह प्रसंग के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की भव्य एवं आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके साथ ही श्रीकृष्ण बारात का आयोजन भी किया गया। बारात में शामिल श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए, ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वातावरण में गूंजते "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
बारात के दौरान पुष्प वर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाहोत्सव का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। भक्ति गीतों, संकीर्तन और धार्मिक उत्साह ने कथा पंडाल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आयोजन को अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
कार्यक्रम में उदयभान यादव, सुक्खीलाल यादव, संतकुमार यादव, कमलेश यादव, शेष कुमार यादव, इंद्र कुमार यादव, अशोक यादव, अनिल कुमार यादव, घूर्रा यादव, राकेश यादव, सुरेश विश्वकर्मा, रघुनंदन यादव, राजेश सोनी, श्रीकांत राय, देवी सिंह ठाकुर, विनोद यादव, चंद्रभान यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाज में सद्भाव और संस्कारों के प्रसार का संदेश दिया जा रहा है। कथा के आगामी दिवसों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

