गोल्ड मेडलिस्ट डॉग ‘मैरी’ बनी मासूम को इंसाफ दिलाने की कड़ी,सूंघकर पहुंची आरोपी तक।

 गोल्ड मेडलिस्ट डॉग ‘मैरी’ बनी मासूम को इंसाफ दिलाने की कड़ी,सूंघकर पहुंची आरोपी तक।

संभल के बबराला में 6 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी के मामले का खुलासा,पुलिस जांच में डॉग स्क्वाड की अहम भूमिका।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बबराला क्षेत्र में 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया था। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और भय का माहौल था। पीड़ित परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कोई स्पष्ट सुराग उपलब्ध नहीं था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया गया। हालांकि शुरुआती दौर में पुलिस को कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे आरोपी तक सीधे पहुंचा जा सके।

जब जांच के तमाम प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके, तब पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद लेने का निर्णय लिया। जांच में शामिल की गई प्रशिक्षित स्निफर डॉग ‘मैरी’ ने अपनी असाधारण सूंघने की क्षमता का परिचय देते हुए घटनास्थल से महत्वपूर्ण गंध को पकड़ लिया। इसके बाद मैरी पुलिस टीम को कई स्थानों से होते हुए उस दिशा में ले गई, जहां से जांच को नया आधार मिला।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मैरी द्वारा मिले संकेतों के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान का दायरा सीमित किया गया। इसके बाद पुलिस ने गहन निगरानी, पूछताछ और अन्य तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। अंततः आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले के खुलासे में डॉग स्क्वाड की भूमिका निर्णायक साबित हुई।

बताया जाता है कि मैरी एक अत्यंत प्रशिक्षित और पुरस्कृत पुलिस डॉग है, जिसे विभिन्न अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले भी वह कई जटिल मामलों के समाधान में पुलिस की मदद कर चुकी है। बबराला की इस संवेदनशील घटना में भी मैरी की सूझबूझ और प्रशिक्षित क्षमता ने जांच को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

घटना के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है। वहीं पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। पुलिस अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित विवेचना सुनिश्चित की जाएगी तथा पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड भी अपराध जांच की प्रक्रिया में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कई बार ऐसे मामलों में, जहां प्रत्यक्ष साक्ष्य सीमित होते हैं, प्रशिक्षित पुलिस डॉग जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होते हैं। बबराला की इस घटना में ‘मैरी’ ने न केवल अपनी उपयोगिता सिद्ध की, बल्कि यह भी दिखाया कि अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस की विशेष इकाइयां कितनी प्रभावी साबित हो सकती हैं।

फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों को मजबूत करने की प्रक्रिया जारी है। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब इस मामले में न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, ताकि मासूम पीड़िता को शीघ्र और प्रभावी न्याय मिल सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post