चित्रकूट के लालापुर आश्रम में फिर विवाद!वीडियो में बाबा भरतदास पर महिलाओं को धमकाने के आरोप।

 चित्रकूट के लालापुर आश्रम में फिर विवाद!वीडियो में बाबा भरतदास पर महिलाओं को धमकाने के आरोप।

वायरल वीडियो में आश्रम परिसर में हंगामे का दावा,सूचना पर पहुंची पुलिस से भी हुई बहस,पूर्व में भी विवादों को लेकर चर्चा में रह चुका है आश्रम।

चित्रकूट,ग्रामीण खबर MP।

चित्रकूट के लालापुर स्थित आश्रम एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि आश्रम में बाबा भरतदास द्वारा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकियां दी गईं। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

वीडियो में बताया गया है कि देर रात लगभग 11 बजे एक महिला द्वारा सहायता की गुहार लगाते हुए संदेश भेजा गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि आश्रम में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दिए जाने की बात भी कही गई है।

वायरल वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बाबा भरतदास और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। वीडियो में मौजूद कथनों के अनुसार रैपुरा थाना प्रभारी ने बाबा को संयमित भाषा में बात करने की सलाह दी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी भी दी। इसके बाद कुछ समय तक बहस चलने और फिर पुलिस द्वारा समझाइश देकर मामला शांत कराने का दावा किया गया है।

गौरतलब है कि लालापुर स्थित यह आश्रम और बाबा भरतदास पूर्व में भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। बीते महीनों में आश्रम प्रबंधन, स्थानीय लोगों तथा कुछ सामाजिक संगठनों के बीच विवादों की खबरें सामने आती रही हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप भी वायरल हुए थे, जिनमें आश्रम की कार्यप्रणाली और वहां के माहौल को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि इन मामलों में विभिन्न पक्षों द्वारा अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर सामने आने वाले विवादों के कारण आश्रम क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर बाबा भरतदास के समर्थक इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।

वर्तमान मामले में वायरल वीडियो के कारण एक बार फिर आश्रम चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस घटना को लेकर पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया था।

यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला कानून व्यवस्था तथा आश्रम में रह रहे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। वहीं दूसरी ओर निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी। क्षेत्रीय नागरिकों की नजर अब पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। :::

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