कांग्रेस की अंदरूनी चुनौतियों पर बोले अजय सिंह राहुल,कहा-"सरकार बनवाई, लेकिन हमें ही निपटा दिया"।

 कांग्रेस की अंदरूनी चुनौतियों पर बोले अजय सिंह राहुल,कहा-"सरकार बनवाई, लेकिन हमें ही निपटा दिया"।

सोनकच्छ में कार्यकर्ताओं के बीच छलका पूर्व नेता प्रतिपक्ष का दर्द,गुटबाजी पर जताई चिंता,कांग्रेस को फिर मजबूत करने का किया आह्वान।

देवास,ग्रामीण खबर MP।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने देवास जिले के सोनकच्छ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी की वर्तमान स्थिति, संगठन की चुनौतियों और अपने राजनीतिक अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस संगठन में व्याप्त गुटबाजी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी नाराज एवं निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की आवश्यकता है।

अपने संबोधन के दौरान अजय सिंह राहुल का दर्द भी छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें अपने ही साथियों की हार से खुशी मिलती है। ऐसी प्रवृत्ति पार्टी को कमजोर करती है और संगठन के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संगठन को मजबूत बनाना है तो व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।

अजय सिंह ने कहा कि आज की राजनीति में कांग्रेस को केवल भारतीय जनता पार्टी से ही मुकाबला नहीं करना है, बल्कि उन परिस्थितियों से भी लड़ना है जो संगठन को भीतर से कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर पार्टी की ताकत को कमजोर करने का प्रयास करते हैं और ऐसे तत्वों की पहचान करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता से बाहर हुए लगभग ढाई दशक का समय बीत चुका है। नई पीढ़ी का एक बड़ा वर्ग ऐसा है जिसने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार देखी ही नहीं है। आज 30 वर्ष की आयु के कई युवाओं को केवल भाजपा शासन का ही अनुभव है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपनी विचारधारा और संगठनात्मक शक्ति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।

अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए अजय सिंह ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय वे पूरे प्रदेश में कांग्रेस के लिए लगातार प्रचार कर रहे थे और वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार बनाने के अभियान में जुटे हुए थे। इसी कारण वे अपने विधानसभा क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं दे सके, जिसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वे कुछ समय भी अपने क्षेत्र में दे पाते तो संभवतः परिणाम अलग हो सकते थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस चुनाव में सरकार तो बना ली, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमने मेहनत करके सरकार बनवाई, लेकिन दुर्भाग्य यह रहा कि हमें ही निपटा दिया। उनका यह बयान कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बाद के चुनावों में उन्होंने अपने क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की वास्तविक ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं और जो कार्यकर्ता क्षेत्र में निरंतर मेहनत करता है, जनता के बीच रहता है तथा संगठन के लिए समर्पित रहता है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

अजय सिंह ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से वे बिना किसी औपचारिक जिम्मेदारी या निर्देश के प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर रहे हैं। इस दौरान वे पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों से संपर्क स्थापित कर रहे हैं ताकि संगठन को फिर से मजबूत किया जा सके। उनका उद्देश्य ऐसे लोगों को जोड़ना है जो किसी कारणवश सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं या संगठन से निराश हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा। संगठन में संवाद बढ़ाना, कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनकी समस्याओं को सुनना समय की मांग है। यदि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करे तो प्रदेश में कांग्रेस की वापसी संभव है।

कार्यक्रम के दौरान अजय सिंह राहुल ने एक संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि जब तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन जाती, तब तक वे न तो माला पहनेंगे और न ही सिर पर साफा बंधवाएंगे। उन्होंने इसे संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और राजनीतिक लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया।

सोनकच्छ में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक रणनीति तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। अजय सिंह के संबोधन ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति पर गंभीर मंथन का अवसर भी प्रदान किया।

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