महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन,योग और भावातीत ध्यान का दिया गया संदेश।
योग एवं ध्यान से स्वस्थ,संतुलित और आध्यात्मिक जीवन का आह्वान,विधायक सहित गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति।
करौदी,ग्रामीण खबर MP।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय एवं महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन शनिवार को बड़े ध्यान हॉल में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ब्रह्मचारी डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा के संरक्षण तथा कुलगुरु प्रो. (डॉ.) नरेश कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में योग, ध्यान और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. (डॉ.) नरेश कुमार तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बड़वारा विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, भाजपा के पूर्व जिलामंत्री पंडित विजय दुबे, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे, राजेश व्योहार, मंडल अध्यक्ष आशीष चौरसिया, संतोष दुबे, महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रभारी अरविंद सिंह, डॉ. यतीन्द्र गौतम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। विश्वविद्यालय एवं विद्यापीठ के अधिकारी, आचार्यगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुपूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास तथा भावातीत ध्यान (ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन) का अभ्यास किया। योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नित्येश्वर चतुर्वेदी तथा ध्यान शिक्षक सुशील मिश्रा ने आयुष मंत्रालय के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया। पूरे आयोजन स्थल पर स्वास्थ्य, अनुशासन, शांति और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण परिलक्षित हो रहा था।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. (डॉ.) नरेश कुमार तिवारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग और भावातीत ध्यान मानव जीवन को संतुलन, शांति, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने महर्षि महेश योगी द्वारा विश्व को दिए गए भावातीत ध्यान के ज्ञान को वैज्ञानिक एवं प्रभावी बताते हुए इसे मानव कल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साथ ही युवाओं और नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। योग ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए योग एवं ध्यान को स्वस्थ समाज, सशक्त राष्ट्र और विश्व शांति का प्रभावी माध्यम बताया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली जीवन पद्धति है। सभी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मानवेंद्र पाण्डेय ने आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के संयोजक योग विभागाध्यक्ष डॉ. नित्येश्वर चतुर्वेदी, सह- संयोजक डॉ. आलोक चन्द्र परिडा एवं डॉ. श्याम बाबू खरे रहे।
उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित वर्ष 2026 की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा योग दिवस से पूर्व व्यापक जनजागरण एवं प्रशिक्षण अभियान भी संचालित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में 14 जून से 18 जून तक पान उमरिया में पंचदिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर तथा 18 जून से 20 जून तक महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में त्रिदिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में योग विभागाध्यक्ष डॉ. नित्येश्वर चतुर्वेदी, ध्यान एवं सिद्धि शिक्षक गिरिजा शंकर चौधरी तथा सहायक प्राध्यापक दीपक पाण्डेय ने प्रतिभागियों को योग, प्राणायाम एवं ध्यान का प्रशिक्षण प्रदान किया।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। योग, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन क्षेत्र में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।यह समाचार अखबार, समाचार पोर्टल और प्रेस विज्ञप्ति के लिए उपयुक्त शैली में तैयार किया गया है।

