नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों से मारपीट और धमकी के विरोध में सैकड़ों कर्मचारियों का कोतवाली घेराव,दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से कर्मचारियों में आक्रोश,सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर सौंपा ज्ञापन।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
नगर निगम कार्यालय परिसर में घुसकर कर्मचारी के साथ कथित रूप से मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने तथा लोहे के तसले एवं हाथों से हमला करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद नगर निगम कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। घटना से आहत सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुट होकर कटनी कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया तथा पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय में घटित इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा निगम कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी और मारपीट किए जाने के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद निगम कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो वे स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे।
इसी मुद्दे को लेकर नगर निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और संगठित रूप से कटनी कोतवाली पहुंचे। कर्मचारियों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना, कर्मचारियों को धमकाना और उनके साथ मारपीट करना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं बल्कि आम जनता के बीच भी गलत संदेश पहुंचाती हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए तथा शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगर निगम कार्यालय सहित अन्य शासकीय कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना था कि सरकारी सेवाओं में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
कोतवाली पहुंचकर कर्मचारियों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो सहित उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच की जाएगी तथा तथ्य सामने आने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद नगर निगम कर्मचारियों में एकजुटता देखने को मिली। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे अपने सहकर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर गंभीर हैं और न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर शहरवासियों की भी नजर बनी हुई है और सभी को पुलिस जांच तथा प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।

