पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मिला देवकीनंदन ठाकुर का आशीर्वाद,व्यासपीठ से की सराहना।

 पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मिला देवकीनंदन ठाकुर का आशीर्वाद,व्यासपीठ से की सराहना।

भोपाल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे पूर्व गृह मंत्री,कथावाचक ने सनातन धर्म और सामाजिक सरोकारों पर की चर्चा।

भोपाल,ग्रामीण खबर MP।

राजधानी भोपाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा कथा स्थल पहुंचे और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई।

कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और सनातन धर्म के प्रति जुड़ाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों की सकारात्मक भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस दौरान उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिकता, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कथा श्रवण कर धार्मिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और लोगों में संस्कारों तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने कथा आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दीं।

इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कथा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर कथा का श्रवण करते रहे।

उल्लेखनीय है कि भोपाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पंडित देवकीनंदन ठाकुर अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति, राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार रख रहे हैं, जिन्हें श्रोताओं द्वारा विशेष रूप से सराहा जा रहा है। कथा का समापन आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा

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