2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज,चुनाव आयोग ने नई ईवीएम और मतदान केंद्रों के विस्तार के लिए मांगे 500 करोड़ रुपये से अधिक।

 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज,चुनाव आयोग ने नई ईवीएम और मतदान केंद्रों के विस्तार के लिए मांगे 500 करोड़ रुपये से अधिक।

मतदान केंद्रों की संख्या में संभावित 46 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान,पुरानी ईवीएम के प्रतिस्थापन और तकनीकी उन्नयन की तैयारी शुरू।

नई दिल्ली,ग्रामीण खबर MP।

देश में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण और नई मशीनों की खरीद की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग ने केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव भेजा है, ताकि चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।

जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग को अनुमान है कि वर्ष 2029 तक देशभर में मतदान केंद्रों की संख्या में लगभग 46 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। जनसंख्या वृद्धि, नए मतदाताओं के पंजीयन, दूरस्थ क्षेत्रों में मतदान सुविधाओं के विस्तार तथा निर्वाचन क्षेत्रों के संभावित पुनर्गठन को देखते हुए यह वृद्धि आवश्यक मानी जा रही है। ऐसे में आयोग को बड़ी संख्या में अतिरिक्त ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही कई ईवीएम अपने निर्धारित तकनीकी जीवनकाल के अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। आयोग का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और दक्षता बनाए रखने के लिए पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नई मशीनें शामिल करना आवश्यक है। इसके साथ ही कुछ मशीनों में तकनीकी उन्नयन की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे मतदान प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बन सके।

राजनीतिक गलियारों में इस तैयारी को परिसीमन की संभावनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से परिसीमन को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण होता है तो मतदान केंद्रों और चुनावी संसाधनों की संख्या में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी। इसी कारण आयोग पहले से ही आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।

चुनाव आयोग का उद्देश्य देश के प्रत्येक पात्र मतदाता को सुगमता से मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए मतदान केंद्रों की पहुंच बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा चुनावी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोग का मानना है कि बढ़ती मतदाता संख्या और व्यापक चुनावी दायरे को देखते हुए संसाधनों का समय रहते प्रबंधन करना आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां चुनाव कराना अपने आप में एक विशाल प्रशासनिक प्रक्रिया है। ऐसे में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का पर्याप्त भंडार, प्रशिक्षित चुनावी अमला तथा मजबूत तकनीकी व्यवस्था लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

फिलहाल चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए वित्तीय प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नई मशीनों की खरीद, पुरानी ईवीएम के प्रतिस्थापन तथा चुनावी बुनियादी ढांचे के विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। आगामी लोकसभा चुनाव भले ही अभी तीन वर्ष दूर हों, लेकिन चुनाव आयोग की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां समय से पहले शुरू कर दी गई हैं।

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