भाजपा सांसद की पत्नी की पोस्ट से गरमाई सियासत,सफाई देते हुए बोलीं-“मेरे बयान को गलत नजरिए से पेश किया गया”।

 भाजपा सांसद की पत्नी की पोस्ट से गरमाई सियासत,सफाई देते हुए बोलीं-“मेरे बयान को गलत नजरिए से पेश किया गया”।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मचा राजनीतिक बवाल,विपक्ष ने सरकार को घेरा तो सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा ने दी सफाई।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर जबरदस्त सियासी हलचल देखने को मिल रही है। भाजपा सांसद एवं मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा द्वारा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया एक पोस्ट अचानक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। पोस्ट वायरल होते ही विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस पोस्ट को लेकर लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। बढ़ते विवाद के बीच अब स्तुति मिश्रा ने एक और पोस्ट साझा कर अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके बयान को गलत नजरिए से पेश किया गया।

दरअसल शनिवार को स्तुति मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि “वो दिन दूर नहीं जब बैंक होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन के साथ पेट्रोल और डीजल लोन भी उपलब्ध कराएगा, वह भी 10 प्रतिशत ईएमआई के साथ।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा था कि “यह दौर इतिहास का सबसे खराब दौर है, लड़ाई किसी की और नुकसान आम जनता का हो रहा है।” यह पोस्ट कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोगों ने इसे भाजपा सरकार की नीतियों पर अप्रत्यक्ष हमला और बढ़ती महंगाई पर कटाक्ष के रूप में देखना शुरू कर दिया।

जैसे ही पोस्ट ने राजनीतिक रंग पकड़ा, विपक्षी दलों ने इसे हाथोंहाथ लेते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब भाजपा सांसद के परिवार के लोग ही महंगाई और ईंधन की कीमतों से परेशान हैं तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस पोस्ट को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ अंदरूनी नाराजगी बताया, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे सामान्य सामाजिक टिप्पणी करार दिया।

विवाद बढ़ने के बाद स्तुति मिश्रा ने एक विस्तृत पोस्ट लिखकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को राजनीतिक रंग देकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी सरकार, संस्था या व्यक्ति पर निशाना साधना नहीं था, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने लिखा कि मौजूदा हालात केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया ऊर्जा संकट की स्थिति से गुजर रही है। ऐसे समय में सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में सहयोग करें।

स्तुति मिश्रा ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर किए गए ईंधन बचाने संबंधी आवाहनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार लोगों से ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने की अपील करते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि यदि सभी नागरिक जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ तेल की खपत कम करने वाले नियमों का पालन करेंगे तो भविष्य में कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि “मेरी पोस्ट उन सभी लोगों के लिए थी जो इस राष्ट्रीय समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह किसी राजनीतिक टिप्पणी के रूप में नहीं लिखी गई थी। लेकिन कुछ लोगों ने इसे गलत नजरिए से पेश किया। जिन्होंने मेरी बात को सही भावना से समझा, मैं उनका धन्यवाद करती हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय चुनौतीपूर्ण है और ऐसे समय में सभी देशवासियों को एकजुट होकर धैर्य और समझदारी के साथ काम करना चाहिए।

अपने लंबे स्पष्टीकरण में उन्होंने यह भी लिखा कि “हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें। यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि जिम्मेदारी निभाने का है। तेल की खपत कम करना और संसाधनों का सही उपयोग करना हम सभी का दायित्व है। यदि लोग प्रधानमंत्री के आवाहन और सुझाए गए उपायों का पालन करेंगे तो परिस्थितियां नियंत्रण में रह सकती हैं।”

इस पूरे मामले के बाद प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर की गई छोटी से छोटी टिप्पणी भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकती है। खासतौर पर जब मामला किसी बड़े राजनीतिक दल या उसके नेताओं से जुड़ा हो तो प्रतिक्रियाएं और भी तीखी हो जाती हैं।

वहीं, विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्ष का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और अब भाजपा नेताओं के परिवार भी इस महंगाई को महसूस करने लगे हैं। दूसरी ओर भाजपा समर्थक इसे वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य टिप्पणी बताते हुए विपक्ष पर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं। आम जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई, खाद्य पदार्थों की कीमतों और ईंधन के खर्चों से परेशान है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या उसके परिवार द्वारा इस विषय पर की गई टिप्पणी स्वाभाविक रूप से व्यापक चर्चा का विषय बन जाती है।

फिलहाल स्तुति मिश्रा की सफाई के बाद भी यह मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर अब भी इसे लेकर बहस जारी है और राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने में लगे हुए हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और कितना तूल पकड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



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