पहरूआ में प्रशासन का बड़ा एक्शन,65 लाख की शासकीय भूमि से हटाया गया अतिक्रमण।
25 एकड़ सरकारी जमीन पर वर्षों से था कब्जा,जेसीबी चलाकर तोड़ी गईं अवैध दुकानें; राजस्व अमले की मौजूदगी में चली कार्रवाई।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
जिले में शासकीय भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए स्लीमनाबाद तहसील के ग्राम पहरुआ में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने करीब 65 लाख रुपए बाजार मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कब्जों को हटाया गया और सरकारी जमीन पर किए गए निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। लंबे समय से सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेती और अन्य गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतें प्रशासन को प्राप्त हो रही थीं। जांच और सीमांकन के बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई की तैयारी की और निर्धारित योजना के अनुसार भारी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम पहरुआ स्थित खसरा नंबर 141, 84, 142, 227, 234/1, 233, 222, 231, 214, 641, 219, 226 एवं 228 सहित अन्य शासकीय भूमि पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था। इन जमीनों पर कुछ लोगों द्वारा कृषि कार्य किया जा रहा था, जबकि कई हिस्सों में अस्थायी एवं स्थायी निर्माण भी कर लिए गए थे। प्रशासनिक रिकॉर्ड में यह पूरी भूमि शासकीय दर्ज होने के बावजूद वर्षों से कब्जे की स्थिति बनी हुई थी।
तहसीलदार स्लीमनाबाद आकाशदीप नामदेव के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक, पटवारी, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सुबह से ही प्रशासनिक टीम गांव पहुंच गई थी और सीमांकन के बाद कब्जे वाले हिस्सों को चिन्हित कर जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन ने जिन लोगों को शासकीय भूमि से बेदखल किया, उनमें शंकरपुरी, जगत पटेल, बाबूलाल, यदुनंदन, दामोदर, लक्ष्मण, अरविंद पटेल, प्रदीप, सुरेन्द्र, निर्भय सिंह, प्रमोद सिंह, रामकुमार, ब्रजकिशोर, राममिलन बर्मन, मर्रो बाई, प्रकाशपुरी, प्रतापपुरी, मैकू, संदीप, विजय बर्मन और गोविंद सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार इन सभी द्वारा अलग-अलग हिस्सों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था।
कार्रवाई के दौरान तीन अवैध दुकानों को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इनमें दो दुकानें 8 बाय 10 फीट तथा एक दुकान 25 बाय 10 फीट आकार की थी। बताया गया कि इन दुकानों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार के स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक कार्रवाई को देखते रहे। कुछ लोगों ने प्रशासन की इस पहल को सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ प्रभावित परिवारों में नाराजगी भी देखी गई।
तहसीलदार आकाशदीप नामदेव ने बताया कि जिले में शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने नियमों के विपरीत शासकीय भूमि पर निर्माण या खेती कर रखी है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा पहले नोटिस और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की जाती है, उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय भूमि सार्वजनिक उपयोग और विकास कार्यों के लिए सुरक्षित रखी जाती है। ऐसे में इन जमीनों पर कब्जा होने से शासन की योजनाएं प्रभावित होती हैं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को तेज किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और सरकारी जमीनों को पूरी तरह कब्जामुक्त कराने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

