राजा साहब को फिर याद आया ‘राजयोग’? मंच से बोले दिग्विजय सिंह-पंडित जी,हमारी भी कुंडली बना दो।
राघौगढ़ के भैंसाना में 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के समापन समारोह में दिखा दिग्विजय सिंह का हल्का-फुल्का अंदाज,कुंडली वाले बयान पर फिर शुरू हुई सियासी चर्चाएं।
भोपाल,ग्रामीण खबर MP।
मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। आमतौर पर राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाले दिग्विजय सिंह इस बार एक धार्मिक मंच से कही गई अपनी टिप्पणी के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भैंसाना गांव में आयोजित भव्य 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के समापन समारोह में शामिल हुए दिग्विजय सिंह ने मंच से मुस्कुराते हुए पंडित जी से कहा, “महाराज, हमारी भी कुंडली बना दो।” उनके इस कथन के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच हंसी और तालियों का माहौल बन गया, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
भैंसाना गांव में आयोजित यह धार्मिक आयोजन पिछले कई दिनों से क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। श्रीराम महायज्ञ, वेदपाठ, धार्मिक अनुष्ठान, संत समागम और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के अनुसार यह महायज्ञ समाज में धार्मिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
समापन समारोह में पहुंचे दिग्विजय सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति, संत समाज और विद्वान पंडितों की प्रशंसा की। इसी दौरान उन्होंने कार्यक्रम का शुभ मुहूर्त निकालने वाले पंडित जी का उल्लेख करते हुए मजाकिया अंदाज में अपनी कुंडली बनाने की बात कही। उनका यह कथन सुनते ही पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।
मंच से संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कुंडली पहले भी कई लोगों ने देखी और बनाई थी, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया था कि वे एक दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह बात हास्यपूर्ण अंदाज में कही, लेकिन उनके इस बयान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे सहज और मनोरंजक टिप्पणी के रूप में लिया, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों ने इसके अलग-अलग मायने निकालने शुरू कर दिए।
दिग्विजय सिंह का राजनीतिक जीवन चार दशक से अधिक समय तक फैला हुआ है। उन्होंने विधायक, सांसद, मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में लंबी पारी खेली है। प्रदेश की राजनीति में आज भी उनकी सक्रिय भूमिका बनी हुई है। यही कारण है कि उनकी छोटी से छोटी टिप्पणी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती है। भैंसाना के मंच से कही गई यह बात भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या कर रहे हैं।
कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह महज एक मजाकिया टिप्पणी थी, जिसे सामान्य रूप में ही लिया जाना चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे दिग्विजय सिंह के राजनीतिक अनुभव और उनके जीवन के उतार-चढ़ाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि स्वयं दिग्विजय सिंह ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया कि वे किसी नई राजनीतिक भूमिका या पद को लेकर विचार कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके बयान के बाद ‘राजयोग’ और ‘कुंडली’ जैसे शब्दों ने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय राजनीति में नेताओं के धार्मिक आयोजनों में शामिल होने और वहां दिए गए बयानों को अक्सर व्यापक संदर्भ में देखा जाता है। ऐसे में दिग्विजय सिंह जैसे अनुभवी नेता द्वारा मंच से कही गई कोई भी बात चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिससे यह माना जाए कि उन्होंने किसी नई राजनीतिक महत्वाकांक्षा या भविष्य की योजना का संकेत दिया हो।
भैंसाना में आयोजित 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ अपने विशाल स्वरूप के कारण भी विशेष चर्चा में रहा। आयोजन स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। यज्ञ, हवन, प्रवचन, भजन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म और अध्यात्म से जुड़ने का अवसर प्राप्त किया। आयोजन में अनेक संत-महात्माओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी भाग लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और चर्चाओं के बीच एक बात स्पष्ट है कि दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अपने सहज और चुटीले अंदाज से लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया है। चाहे इसे हास्य के रूप में देखा जाए या राजनीतिक चर्चा के रूप में, लेकिन उनकी यह टिप्पणी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीति में लंबे अनुभव रखने वाले नेता की यह एक साधारण टिप्पणी भले ही रही हो, लेकिन इससे एक बार फिर यह साबित हो गया कि दिग्विजय सिंह की बातों पर लोगों की नजर हमेशा बनी रहती है।
फिलहाल भैंसाना महायज्ञ के मंच से कही गई “पंडित जी, हमारी भी कुंडली बना दो” वाली टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है। राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चाएं जारी हैं। आने वाले दिनों में यह चर्चा कितनी आगे बढ़ती है, यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि राजा साहब का यह अंदाज लोगों को लंबे समय तक याद रहने वाला है।

