कछार गांव बड़ा में श्रीमद भागवत कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़,भक्तिमय माहौल से गूंज रहा पूरा क्षेत्र।
वृंदावन धाम के आचार्य पंडित राज शास्त्री कर रहे संगीतमय कथा वाचन,28 मई तक चलेगा धार्मिक आयोजन।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले के सिलौंडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कछार बड़ा इन दिनों पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर नजर आ रहा है। गांव में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा स्थल पर सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों की आवाजाही बनी रहती है और पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूबा दिखाई दे रहा है। धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है
ग्राम कछार बड़ा में 21 मई 2026 से प्रारंभ हुई श्रीमद भागवत कथा 28 मई 2026 तक चलेगी। आयोजन समिति द्वारा धार्मिक कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कथा स्थल को आकर्षक धार्मिक सजावट से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा पंडाल में बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
कथा व्यास आचार्य पंडित राज शास्त्री जी गिरवा वाले वृंदावन धाम द्वारा संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का अत्यंत भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वाचन किया जा रहा है। उनके मधुर वाणी और आध्यात्मिक प्रवचनों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला, रास लीला, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र तथा धर्म और भक्ति से जुड़े अनेक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जा रहा है। कथा में जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले संदेश भी दिए जा रहे हैं, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठते हैं।
धार्मिक आयोजन में आचार्य पंडित श्री शशिकांत तिवारी का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उनके संरक्षण में आयोजन को धार्मिक गरिमा, अनुशासन एवं परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जा रहा है। आयोजन समिति एवं ग्रामीणों का सहयोग भी सराहनीय माना जा रहा है। गांव के युवा, बुजुर्ग एवं महिलाएं बढ़-चढ़कर आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
कथा के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन एवं धार्मिक संगीत से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ-साथ भगवान के जयकारों में भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। शाम के समय कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे पूरा परिसर श्रद्धा और आस्था के रंग में रंगा दिखाई देता है। महिलाओं द्वारा भक्ति गीत एवं मंगलगान भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की धार्मिक गरिमा और बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी माध्यम बन रही है। कथा के माध्यम से लोगों को संस्कार, नैतिकता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिल रही है।
आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि कथा श्रवण से मन को शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। बच्चों और युवाओं में भी कथा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद भागवत कथा का श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है। समिति का कहना है कि कथा के समापन तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ग्राम कछार बड़ा में चल रहा यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया है तथा गांव का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दे रहा है।

