केन-बेतवा परियोजना को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन,आदिवासी-किसान परिवारों के समर्थन में राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।

 केन-बेतवा परियोजना को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन,आदिवासी-किसान परिवारों के समर्थन में राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।

जीतू पटवारी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग,जिला कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी एवं किसान परिवारों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित विभिन्न कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरणों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर आदिवासी एवं किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार दमन किया जा रहा है।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी एवं किसान परिवार विस्थापन की स्थिति का सामना कर रहे हैं। वर्षों से जंगल, जमीन और जल पर आश्रित परिवार आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। कांग्रेसजनों ने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले आदिवासियों एवं किसानों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।

जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए प्रकरण पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। यदि सरकार शीघ्र इन प्रकरणों को वापस नहीं लेती है तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। आदिवासी और किसान परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का निराकरण करने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

जिला कांग्रेस अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष अजय कोल ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना के कारण आदिवासी समाज के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं। यदि उन्हें उनकी जमीनों से विस्थापित किया जाता है तो उनका सामाजिक और आर्थिक ढांचा पूरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी हुई है।

अजय कोल ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने रोजगार, आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों को आज तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि उनका पुनर्वास कहां और किस प्रकार किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और मुआवजे की स्पष्ट नीति सार्वजनिक करे, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।

अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ ग्रामीण अध्यक्ष ओमकार सिंह तेकाम ने कहा कि प्रभावित परिवारों को बिना उचित पुनर्वास एवं पर्याप्त मुआवजे के विस्थापन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी एवं किसान परिवार वर्षों से अपनी भूमि पर आश्रित हैं और उनकी जमीन ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। यदि सरकार विकास के नाम पर उन्हें विस्थापित करना चाहती है तो पहले उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चाहिए। केवल कागजी घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस पार्टी उनके साथ संघर्ष करती रहेगी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार किसानों, आदिवासियों और आम नागरिकों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना उसकी जिम्मेदारी है। विरोध करने वालों पर प्रकरण दर्ज करना और उन्हें डराने का प्रयास करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आदिवासी एवं किसान परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष अजय कोल, ग्रामीण अध्यक्ष ओमकार सिंह तेकाम, जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति रंजीत सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाटव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष आफताब अहमद, चोखे भाईजान, सेवादल अध्यक्ष मंगल सिंह, संजय गुप्ता, श्याम यादव, विकास निगम, रमेश मिश्रा, रमेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, शैलेश जायसवाल, अंशुल राजपूत, नीरज अहिरवार, शरद खटीक, मनीष पटेल, राम, पवन साहू, हर्षित मिश्रा सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदिवासी एवं किसान परिवारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और कांग्रेस नेताओं पर दर्ज प्रकरण वापस नहीं लिए गए तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अन्याय और दमन के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी तथा प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।



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