16 महीने से धूल खा रही माधवराव सिंधिया की मूर्ति,मुख्यमंत्री से लोकार्पण कराने की मांग तेज।
कांग्रेस नेता करण सिंह चौहान ने वीडियो जारी कर उठाए सवाल,बोले-“यह सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता नहीं,देश के बड़े कांग्रेस नेता थे”।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
कटनी शहर के मैहर बाईपास रोड स्थित पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे माधवराव सिंधिया की पुनर्स्थापित प्रतिमा को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने प्रतिमा की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 16 महीने बीत जाने के बाद भी माधवराव सिंधिया की प्रतिमा धूल खा रही है और अब तक उसका विधिवत लोकार्पण नहीं कराया गया है, जो न केवल एक बड़े नेता का अपमान है बल्कि जनभावनाओं की भी अनदेखी है।
करण सिंह चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि 14 नवंबर 2024 को राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान माधवराव सिंधिया की प्रतिमा को चौराहे से हटाया गया था। उस समय जिस तरह प्रतिमा को गले में फंदा डालकर सड़क किनारे रखा गया, उसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी। उस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थीं और कांग्रेस ने इसे सिंधिया परिवार ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के सम्मान से जुड़ा विषय बताया था।
उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और आवाज उठाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के दो इंजीनियरों को निलंबित किया गया था। हालांकि कार्रवाई तो हुई, लेकिन उसके बाद भी प्रतिमा के सम्मानजनक पुनर्स्थापन और लोकार्पण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। आज स्थिति यह है कि देश के बड़े नेता की प्रतिमा धूल और उपेक्षा के बीच खड़ी हुई है, जिसे देखकर हर कांग्रेस कार्यकर्ता आहत है।
करण सिंह चौहान स्वयं माधवराव सिंधिया चौराहा पहुंचे और वहां की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें प्रतिमा के आसपास फैली अव्यवस्था और उपेक्षा को दिखाया गया। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और मुख्यमंत्री स्वयं कटनी पहुंचकर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण करें, ताकि दिवंगत नेता को उनका सम्मान मिल सके।
उन्होंने कहा कि माधवराव सिंधिया केवल एक राजनीतिक परिवार का नाम नहीं थे, बल्कि वे देश की राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने अपनी कार्यशैली, व्यवहार और विकासवादी सोच से अलग पहचान बनाई थी। रेल मंत्री रहते उन्होंने भारतीय रेलवे को आधुनिक सोच और नई दिशा देने का कार्य किया। उनके कार्यकाल में रेलवे की छवि में व्यापक बदलाव देखने को मिला और उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने का प्रयास किया था।
करण सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि माधवराव सिंधिया सिर्फ उनके पिता नहीं थे बल्कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के सम्मानित जनप्रतिनिधि थे। उन्होंने कहा कि यदि उनके नाम और योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए तो इसमें हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी इस मामले में गंभीर पहल करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक ऐसा देखने को नहीं मिला।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार बड़े-बड़े कार्यक्रमों और आयोजनों में महापुरुषों के सम्मान की बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति कुछ और दिखाई देती है। यदि एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की प्रतिमा ही महीनों तक उपेक्षा का शिकार रहेगी तो यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण नहीं कराया गया तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर बड़ा जनआंदोलन भी खड़ा कर सकती है।
करण सिंह चौहान ने कहा कि माधवराव सिंधिया का राजनीतिक जीवन हमेशा शालीनता, विकास और जनसरोकारों से जुड़ा रहा। वे ऐसे नेता थे जिन्होंने राजनीति में संवाद और विकास की संस्कृति को मजबूत किया। देशभर में उनके समर्थक आज भी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। ऐसे नेता की प्रतिमा का इस तरह उपेक्षित रहना पूरे प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस विषय को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और जब तक प्रतिमा का सम्मानपूर्वक लोकार्पण नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेते हुए जल्द कटनी आएं और प्रदेश के महान नेता रहे माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का लोकार्पण कर जनभावनाओं का सम्मान करें।
अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई निर्णय करेगी या फिर यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ेगा। फिलहाल कांग्रेस इस पूरे मामले को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में दिखाई दे रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर भी लोगों में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने लंबे समय बाद भी प्रतिमा का सम्मानजनक लोकार्पण क्यों नहीं कराया गया।

