करंट की चपेट में आने से 10 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत,लोहे की तार बाड़ी बनी मौत का कारण।

 करंट की चपेट में आने से 10 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत,लोहे की तार बाड़ी बनी मौत का कारण।

विजयराघवगढ़ के वार्ड क्रमांक 10 में दर्दनाक हादसा,पड़ोसी की कथित लापरवाही से चली गई मासूम की जान,पूरे क्षेत्र में शोक की लहर,विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने जताया दुख।

विजयराघवगढ़,ग्रामीण खबर MP।

विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 में शुक्रवार को हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। खेलते समय करंट प्रवाहित हो रही लोहे की तार बाड़ी के संपर्क में आने से एक 10 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विजयराघवगढ़ के रामबाग अखाड़ा मोहल्ला निवासी सुनील कोल का 10 वर्षीय पुत्र प्रतीक कोल शुक्रवार की दोपहर घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। घर के सामने पड़ोसी द्वारा सुरक्षा के उद्देश्य से लोहे की तारों की बाड़ी लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि पड़ोसी के घर से खींचा गया बिजली का तार कहीं से क्षतिग्रस्त था और वह लोहे की बाड़ी के संपर्क में आ गया था, जिसके कारण पूरी जाली में तेज करंट फैल गया था।

घटना के समय मासूम प्रतीक खेलते-खेलते उसी लोहे की बाड़ी के पास पहुंच गया। जैसे ही उसने तार बाड़ी को छुआ, वह तेज करंट की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट लगते ही बच्चा जोर-जोर से तड़पने लगा और कुछ ही क्षणों में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग सहम उठे और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस तथा विद्युत विभाग को सूचना दी गई। विजयराघवगढ़ थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। वहीं विद्युत विभाग की टीम ने पहुंचकर क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद करवाई, जिसके बाद हालात को नियंत्रित किया जा सका। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्यवाही पूरी करते हुए मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ भेजा।

डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। अस्पताल परिसर में भी परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। एक मासूम बच्चे की अचानक हुई दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि बिजली के तारों की नियमित जांच और सुरक्षा उपायों का पालन किया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने आरोप लगाया कि लापरवाही के चलते एक मासूम की जान चली गई और अब जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

विजयराघवगढ़ पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बिजली का तार किस परिस्थिति में लोहे की जाली के संपर्क में आया और इस हादसे के पीछे किसकी लापरवाही जिम्मेदार रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत मासूम प्रतीक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि बिजली संबंधी लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। खुले बिजली तार, क्षतिग्रस्त कनेक्शन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि विशेषकर रिहायशी इलाकों में बिजली से जुड़े उपकरणों और तारों की समय-समय पर जांच बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अक्सर लोग अस्थायी बिजली कनेक्शन और खुले तारों का उपयोग करते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ सकती है। मासूम प्रतीक की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। परिजन अपने मासूम बेटे को याद कर बेसुध हैं और मोहल्ले के लोग भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में बिजली सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।




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