चले थे अड़ीबाजी करने,पहुंच गए जेल,शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले दो आरोपी गिरफ्तार।
ढीमरखेड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई,फरार चल रहे आरोपियों को पकड़कर भेजा गया जिला जेल कटनी।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान डालने, गाली-गलौज करने और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून के प्रति सख्ती और प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस प्रकरण में गंभीरता दिखाते हुए लगातार प्रयास किए। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में कई संभावित स्थानों पर दबिश दी और तकनीकी तथा स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाकर आखिरकार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस सूत्रों ने बताया कि ग्राम हरदुआ अतरिया निवासी सोने सिंह गोंड, जो कि ग्राम सचिव के पद पर पदस्थ हैं, ने थाना ढीमरखेड़ा में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया कि दिनांक 11 मार्च 2026 को वे ग्राम पंचायत भवन कटरिया में अपने नियमित शासकीय कार्यों का निर्वहन कर रहे थे। उसी दौरान गांव के निवासी नानबाई और शेषनारायण गोंड वहां पहुंचे और बिना किसी कारण के उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।
बताया गया कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि अपशब्दों का प्रयोग करते हुए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस घटना से पंचायत का कार्य प्रभावित हुआ और सरकारी कामकाज बाधित हो गया। प्रार्थी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 184/26 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और संबंधित धाराओं में मामला कायम कर जांच प्रारंभ की गई।
मामला दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार हो गए थे और लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे, जिससे उनकी गिरफ्तारी में कठिनाई उत्पन्न हो रही थी। हालांकि पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और लगातार उनकी पतासाजी जारी रखी। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और संभावित ठिकानों पर नजर रखी गई। अंततः दिनांक 2 अप्रैल 2026 को पुलिस को सफलता मिली और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपियों का पूर्व में भी पंचायत भवन कटरिया से संबंधित विवादों में नाम रहा है। उन्होंने पहले भी पंचायत भवन में ताला लगाकर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया था, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद हटाया गया था। इसके बावजूद आरोपियों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और वे पुनः उसी प्रकार की हरकतों में लिप्त पाए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी प्रशासनिक निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए लगातार अड़ीबाजी कर रहे थे और न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए भी तैयार नहीं थे। ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जिला जेल कटनी भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के साथ सहायक उपनिरीक्षक जयपाल सिंह, आरक्षक पंकज, आरक्षक देवेंद्र अहिरवार, महिला आरक्षक शालिनी राजपूत एवं महिला कोटवार रिंकी दाहिया का विशेष योगदान रहा। टीम ने समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का भय बना रहता है और शासकीय कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने वालों को स्पष्ट संदेश मिलता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। पुलिस की इस पहल से प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।
पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश न करें। यदि कहीं भी इस प्रकार की घटना होती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
