परिजनों की डांट से नाराज बालिका को ढीमरखेड़ा पुलिस ने 24 घंटे में किया दस्तयाब।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत त्वरित कार्रवाई,मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजकर सुरक्षित परिजनों को सौंपा।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं उन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान के अंतर्गत ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने एक सराहनीय एवं संवेदनशील कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर दस्तयाब कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को बड़ी राहत मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 31 मार्च 2026 को ग्राम देवरी बिछिया निवासी एक व्यक्ति थाना ढीमरखेड़ा उपस्थित हुआ और रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी खोजबीन करने के बावजूद जब बालिका का कोई सुराग नहीं मिला, तब उन्होंने पुलिस की शरण ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 190/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया और बालिका की खोजबीन के लिए सक्रियता के साथ प्रयास शुरू कर दिए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र की सहायता से बालिका की तलाश शुरू की।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया तथा एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले में तेजी से काम करते हुए मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बालिका की संभावित लोकेशन ट्रेस की। लगातार प्रयासों के बाद टीम को सफलता मिली और बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया।
बालिका को थाना लाकर उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि वह अपने माता-पिता की डांट से आहत होकर नाराजगी में बिना बताए घर से निकल गई थी। पुलिस ने बालिका को समझाइश दी तथा परिवार के महत्व और सुरक्षा के बारे में अवगत कराया। इसके पश्चात बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
इस पूरे प्रकरण में ढीमरखेड़ा थाना पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और पेशेवर कार्यशैली देखने को मिली। विशेष रूप से थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सहायक उप निरीक्षक संतोष विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास एवं आरक्षक पंकज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बालिका को सुरक्षित घर पहुंचाने में सफल रही, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए हर समय तत्पर है।
