पन्ना तिराहा के होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई,कई गंभीर खामियां उजागर।

 पन्ना तिराहा के होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई,कई गंभीर खामियां उजागर।

बिना मेडिकल सर्टिफिकेट काम कर रहे कर्मचारी,गंदगी और नियमों की अनदेखी,पनीर-दूध सहित खाद्य नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे गए।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

जिले में खाद्य सुरक्षा और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र पन्ना तिराहा स्थित होटल सत्कार कैफे एंड रेस्टोरेंट पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान जो स्थितियां सामने आईं, वे न केवल चिंताजनक थीं बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी को भी दर्शाती हैं। टीम ने पाया कि होटल में कार्यरत कर्मचारियों के पास अनिवार्य रूप से होने वाले मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे। यह एक गंभीर लापरवाही मानी जाती है, क्योंकि खाद्य पदार्थों से जुड़े कार्य में लगे कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक होता है ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण या बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।

इसके साथ ही यह भी सामने आया कि कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। बिना प्रशिक्षण के कार्य करना नियमों के विरुद्ध है और इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। निरीक्षण टीम ने जब पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेजों की मांग की, तब होटल प्रबंधन कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे यह स्पष्ट हुआ कि परिसर में कीट नियंत्रण जैसी आवश्यक प्रक्रियाओं को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

सफाई व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। किचन क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था और साफ-सफाई के अभाव ने टीम को खासा चिंतित किया। खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण के स्थानों पर स्वच्छता का अभाव सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि किचन में कार्यरत कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे थे। किसी ने कैप नहीं पहन रखी थी तो किसी ने एप्रन का उपयोग नहीं किया था, जबकि यह दोनों ही चीजें खाद्य सुरक्षा मानकों के अंतर्गत अनिवार्य होती हैं।

इन सभी खामियों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। पनीर, दही, दूध और स्वीट कॉर्न जैसे उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों को संदेह के आधार पर जांच के लिए सुरक्षित किया गया। इन नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है, जहां उनकी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूपता की विस्तृत जांच की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि नमूने अमानक पाए जाते हैं तो संबंधित प्रावधानों के तहत होटल संचालक के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या अन्य दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।

निरीक्षण के दौरान होटल संचालक अंशुल जैन को सुधार सूचना पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस पत्र के माध्यम से उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियों को दूर कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। यदि समय सीमा के भीतर सुधार नहीं किया गया, तो विभाग द्वारा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में भी हलचल देखी जा रही है। कई संचालक अब अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों में स्थित प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।

प्रशासन की इस सक्रियता को आमजन के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यदि इसी प्रकार नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रही, तो निश्चित रूप से जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों का स्तर बेहतर होगा और लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

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