आदिवासी क्षेत्र की छात्राओं की पुकार,छात्रावास में 25 सीटें बढ़ाने की मांग,विधायक को सौंपा पत्र।

 आदिवासी क्षेत्र की छात्राओं की पुकार,छात्रावास में 25 सीटें बढ़ाने की मांग,विधायक को सौंपा पत्र।

कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास सिलींड़ी में सीमित सीटों से बाधित हो रही पढ़ाई,आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के सामने शिक्षा छूटने का खतरा।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

 आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सिलौड़ी की छात्राओं ने अपनी शिक्षा को जारी रखने की उम्मीद के साथ स्थानीय विधायक को पत्र लिखकर कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। छात्राओं ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में छात्रावास की स्वीकृत क्षमता 150 सीट है, जिसमें कक्षा 10वीं तक की छात्राएं निवासरत हैं, लेकिन बढ़ती शैक्षणिक जरूरतों के सामने यह क्षमता अब अपर्याप्त साबित हो रही है।

छात्राओं के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं की लगभग 28 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं, जो आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। लेकिन छात्रावास में सीटों की कमी और अतिरिक्त बजट स्वीकृत न होने के कारण उनके लिए रहने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे इन छात्राओं के सामने आगे की शिक्षा जारी रखने में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

यह छात्रावास दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की बालिकाओं के लिए शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां रहकर वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर पाती हैं। क्षेत्र के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिनके लिए शहर में किराए पर कमरा लेकर बच्चों को पढ़ाना संभव नहीं है। साथ ही कई गांवों से आवागमन के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्राओं के पास छात्रावास ही एकमात्र विकल्प बचता है।

छात्राओं ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यदि छात्रावास में कम से कम 25 सीटों की वृद्धि नहीं की गई, तो अनेक पात्र छात्राएं आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, ताकि बेटियों की शिक्षा बाधित न हो। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विधायक इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

अब सभी की निगाहें जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस महत्वपूर्ण मांग पर क्या निर्णय लेते हैं, क्योंकि यह सिर्फ सीटों का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्र की बेटियों के भविष्य और उनके सपनों से जुड़ा सवाल है।

ग्रामीण खबर MP-
जनमानस की निष्पक्ष आवाज
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी। संपर्क:9977110734

Post a Comment

Previous Post Next Post